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- MAT.S1 यीशु मसीह की वंशावली
- MAT.S2 यीशु मसीह का जन्म
- MAT.S3 ज्योतिषियों का पूरब से आगमन
- MAT.S4 मिस्र देश को भागना
- MAT.S5 हेरोदेस द्वारा छोटे बालकों को मरवाना
- MAT.S6 मिस्र देश से वापसी
- MAT.S7 यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का प्रचार
- MAT.S8 यूहन्ना द्वारा यीशु मसीह का बपतिस्मा
- MAT.S9 शैतान द्वारा यीशु मसीह की परीक्षा
- MAT.S10 यीशु के उपदेश का आरम्भ
- MAT.S11 प्रथम चेलों का बुलाया जाना
- MAT.S12 गलील में रोगियों को चंगा करना
- MAT.S13 यीशु मसीह का पहाड़ी उपदेश
- MAT.S14 धन्य वचन
- MAT.S15 नमक और ज्योति से तुलना
- MAT.S16 व्यवस्था का पूरा होना
- MAT.S17 हत्या और क्रोध का दण्ड
- MAT.S18 व्यभिचार के विषय में शिक्षा
- MAT.S19 तलाक के विषय में शिक्षा
- MAT.S20 शपथ न खाना
- MAT.S21 प्रतिशोध ना लेना
- MAT.S22 दान के विषय में शिक्षा
- MAT.S23 प्रार्थना की शिक्षा
- MAT.S24 उपवास की शिक्षा
- MAT.S25 स्वर्ग में धन इकट्ठा करो
- MAT.S26 शरीर का दीया
- MAT.S27 किसी बात की चिंता ना करना
- MAT.S28 दोष मत लगाओ
- MAT.S29 परमेश्वर से माँगना और पाना
- MAT.S30 सरल और कठिन मार्ग
- MAT.S31 फलों से पेड़ की पहचान
- MAT.S32 बुद्धिमान और मूर्ख मनुष्य
- MAT.S33 कोढ़ के रोगी को छूकर चंगा करना
- MAT.S34 सूबेदार के विश्वास पर यीशु की प्रशंसा
- MAT.S35 पतरस के घर में अनेक रोगियों की चंगाई
- MAT.S36 यीशु का शिष्य बनने का मूल्य
- MAT.S37 आँधी और तूफान को शान्त करना
- MAT.S38 दुष्टात्माओं को सूअरों के झुण्ड में भेजना
- MAT.S39 एक लकवे के रोगी को चंगा करना
- MAT.S40 यीशु के द्वारा मत्ती का बुलाया जाना
- MAT.S41 यूहन्ना के चेलों का उपवास का प्रश्न
- MAT.S42 मृत लड़की का जी उठना
- MAT.S43 अंधों का विश्वास
- MAT.S44 एक गूँगे को चंगाई
- MAT.S45 मजदूरों को भेजने के लिए विनती
- MAT.S46 बारह प्रेरित
- MAT.S47 चेलों को सेवा के लिए भेजा जाना
- MAT.S48 आनेवाला कठिन समय
- MAT.S49 चेला होने का अर्थ
- MAT.S50 किस से डरे?
- MAT.S51 यीशु को स्वीकार या अस्वीकार करना
- MAT.S52 प्रतिफल
- MAT.S53 यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का प्रश्न
- MAT.S54 यीशु के द्वारा यूहन्ना का सम्मान
- MAT.S55 मन नहीं फिराने वालों पर हाय
- MAT.S56 यीशु के पास विश्राम
- MAT.S57 यीशु सब्त का प्रभु
- MAT.S58 सूखे हाथ वाला मनुष्य
- MAT.S59 परमेश्वर का चुना हुआ सेवक
- MAT.S60 यीशु और दुष्टात्माओं के शासक
- MAT.S61 एक पेड़ अपने फल से पहचाना जाता हैं
- MAT.S62 यीशु से चिन्ह की माँग
- MAT.S63 अशुद्ध आत्मा को घर की तलाश
- MAT.S64 यीशु का सच्चा परिवार
- MAT.S65 केवल अच्छी भूमि में फलों के उत्पादन का दृष्टान्त
- MAT.S66 दृष्टान्तों का उद्देश्य
- MAT.S67 अच्छी भूमि के दृष्टान्त की व्याख्या
- MAT.S68 गेहूँ और जंगली बीज का दृष्टान्त
- MAT.S69 राई के बीज का दृष्टान्त
- MAT.S70 ख़मीर का दृष्टान्त
- MAT.S71 दृष्टान्तों का प्रयोग
- MAT.S72 जंगली बीज के दृष्टान्त की व्याख्या
- MAT.S73 गुप्त धन
- MAT.S74 अनमोल मोती
- MAT.S75 जाल का दृष्टान्त
- MAT.S76 नई और पुरानी शिक्षा का महत्त्व
- MAT.S77 यीशु का नासरत में फिर से आना
- MAT.S78 हेरोदेस का यीशु के बारे में सुनना
- MAT.S79 यूहन्ना की हत्या
- MAT.S80 पाँच हजार लोगों को खिलाना
- MAT.S81 पानी पर यीशु का चलना
- MAT.S82 यीशु द्वारा गन्नेसरत में अनेक रोगियों को चंगाई
- MAT.S83 परम्परा और आज्ञा उल्लंघन का प्रश्न
- MAT.S84 अशुद्ध करनेवाली बातें
- MAT.S85 कनानी जाति की स्त्री का विश्वास
- MAT.S86 अनेक रोगियों को चंगा करना
- MAT.S87 चार हजार लोगों को खिलाना
- MAT.S88 फरीसियों द्वारा यीशु का परखा जाना
- MAT.S89 फरीसियों और सदूकियों का ख़मीर
- MAT.S90 पतरस का यीशु को मसीह स्वीकारना
- MAT.S91 अपनी मृत्यु के विषय यीशु की भविष्यद्वाणी
- MAT.S92 यीशु के पीछे चलने का मतलब
- MAT.S93 यीशु का रूपान्तर
- MAT.S94 मिर्गी से पीड़ित बालक को चंगाई
- MAT.S95 अपनी मृत्यु के विषय यीशु की पुनः भविष्यद्वाणी
- MAT.S96 मन्दिर का कर लेना
- MAT.S97 स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन?
- MAT.S98 ठोकर खिलाने वालों पर हाय
- MAT.S99 खोई हुई भेड़ का दृष्टान्त
- MAT.S100 अपराधियों के प्रति व्यवहार
- MAT.S101 रोकना और अवसर देना
- MAT.S102 क्षमा न करनेवाले दास का दृष्टान्त
- MAT.S103 तलाक का प्रश्न
- MAT.S104 बच्चों को आशीर्वाद
- MAT.S105 धनी नवयुवक का महत्त्वपूर्ण प्रश्न
- MAT.S106 दाख-वाटिका के मजदूरों का दृष्टान्त
- MAT.S107 अपनी मृत्यु और पुनरुत्थान के विषय पुनः भविष्यद्वाणी
- MAT.S108 एक माँ का अपने बच्चों के लिए आग्रह
- MAT.S109 दो अंधों को दृष्टिदान
- MAT.S110 यीशु का यरूशलेम में विजय प्रवेश
- MAT.S111 मन्दिर से व्यापारियों का निकाला जाना
- MAT.S112 अंजीर के पेड़ से शिक्षा
- MAT.S113 यहूदी अगुओं का यीशु के अधिकार पर संदेह
- MAT.S114 दो पुत्रों का दृष्टान्त
- MAT.S115 दुष्ट किसानों का दृष्टान्त
- MAT.S116 विवाह-भोज का दृष्टान्त
- MAT.S117 कैसर को कर देना
- MAT.S118 पुनरुत्थान और विवाह
- MAT.S119 सबसे बड़ी आज्ञा
- MAT.S120 मसीह दाऊद का पुत्र या दाऊद का प्रभु है?
- MAT.S121 शास्त्रियों और फरीसियों की आलोचना
- MAT.S122 यीशु का यरूशलेम पर विलाप
- MAT.S123 यीशु द्वारा मन्दिर के विनाश की भविष्यद्वाणी
- MAT.S124 यीशु के वापस आने का चिन्ह
- MAT.S125 महासंकट का आरम्भ
- MAT.S126 मनुष्य के पुत्र का पुनरागमन
- MAT.S127 अंजीर के पेड़ से शिक्षा
- MAT.S128 जागते रहो
- MAT.S129 विश्वासयोग्य दास और दुष्ट दास
- MAT.S130 दूल्हे की प्रतीक्षा करती दस कुँवारियों का दृष्टान्त
- MAT.S131 तीन दासों का दृष्टान्त
- MAT.S132 यीशु संसार का न्याय करेगा
- MAT.S133 यीशु की हत्या का षड्यंत्र
- MAT.S134 यीशु पर बहुमूल्य इत्र का छिड़काव
- MAT.S135 यहूदा इस्करियोती का विश्वासघात
- MAT.S136 चेलों के साथ फसह का अन्तिम भोज
- MAT.S137 प्रभु भोज
- MAT.S138 पतरस के इन्कार की भविष्यद्वाणी
- MAT.S139 गतसमनी के बगीचे में प्रार्थना
- MAT.S140 यीशु को बन्दी बनाना
- MAT.S141 कैफा के सामने यीशु
- MAT.S142 पतरस द्वारा यीशु को नकारना
- MAT.S143 पिलातुस के सामने यीशु
- MAT.S144 यहूदा इस्करियोती की आत्महत्या
- MAT.S145 पिलातुस का यीशु से प्रश्न
- MAT.S146 यीशु को छोड़ने में पिलातुस असफल
- MAT.S147 क्रूस पर चढ़ाने के लिए सौंपना
- MAT.S148 सिपाहियों द्वारा यीशु का अपमान
- MAT.S149 यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना
- MAT.S150 यीशु का प्राण त्यागना
- MAT.S151 यीशु का दफनाया जाना
- MAT.S152 यीशु की क्रब पर पहरा
- MAT.S153 यीशु का जी उठना
- MAT.S154 स्त्रियों को यीशु का दर्शन
- MAT.S155 पहरेदारों की सूचना
- MAT.S156 चेलों को दर्शन और अन्तिम आज्ञा


