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- MRK.S1 यूहन्ना बपतिस्मा देण आळे का प्रचार
- MRK.S2 यीशु का बपतिस्मा
- MRK.S3 यीशु की परीक्षा
- MRK.S4 यीशु के सेवा के काम की शरुआत
- MRK.S5 मछुआरां का बुलाया जाणा
- MRK.S6 एक माणस ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
- MRK.S7 घणखरे बिमारां ताहीं ठीक करणा
- MRK.S8 एक्ले म्ह यीशु का प्रार्थना करणा
- MRK.S9 कोढ़ के रोग्गी ताहीं ठीक करणा
- MRK.S10 लकवे के रोग्गी ताहीं ठीक करणा
- MRK.S11 लेवी का बुलाया जाणा
- MRK.S12 उपवास तै सम्बन्धित का प्रश्न
- MRK.S13 आराम का प्रभु
- MRK.S14 सूक्खे हाथ आळे माणस ताहीं ठीक करणा
- MRK.S15 भीड़ का यीशु कै पाच्छै हो लेणा
- MRK.S16 बारहा प्रेरितां की नियुक्ति
- MRK.S17 यीशु अर शैतान
- MRK.S18 यीशु की माँ अर भाई
- MRK.S19 बीज बोण आळे का उदाहरण
- MRK.S20 उदाहरणां का मकसद
- MRK.S21 बीज बोण आळे का उदाहरण ताहीं समझाणा
- MRK.S22 दीवै का उदाहरण
- MRK.S23 उगण आळे बीज का उदाहरण
- MRK.S24 राई कै दाणै का उदाहरण
- MRK.S25 यीशु का आँधी ताहीं शान्त करणा
- MRK.S26 एक माणस ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
- MRK.S27 याईर की मरी होड़ बेट्टी अर एक रोग्गी बिरबान्नी
- MRK.S28 नासरत म्ह यीशु का अनादर
- MRK.S29 बारहा प्रेरितां का भेज्या जाणा
- MRK.S30 यूहन्ना बपतिस्मा देणआळे की हत्या
- MRK.S31 प्रेरितां की वापसी अर एकांतवास
- MRK.S32 पाँच हजार आदमियाँ ताहीं खुआणा
- MRK.S33 यीशु का पाणी पै चालणा
- MRK.S34 गन्नेसरत म्ह रोगियाँ ताहीं ठीक करणा
- MRK.S35 परम्परा-पालन का सवाल
- MRK.S36 माणस ताहीं अशुद्ध करण आळी बात
- MRK.S37 सुरुफिनिकी परदेस की एक कनानी बिरबान्नी का बिश्वास
- MRK.S38 बहरे अर हाक्ळे माणस ताहीं ठीक करणा
- MRK.S39 चार हजार माणसां ताहीं खुवाणा
- MRK.S40 फरीसियाँ कै जरिये सुर्गीय निशान की माँग
- MRK.S41 फरीसियाँ अर हेरोदेस का खमीर
- MRK.S42 बैतसैदा म्ह एक आन्धे ताहीं ठीक करणा
- MRK.S43 अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की भविष्यवाणी
- MRK.S44 यीशु का अपणी मृत्यु के बारें म्ह बताणा
- MRK.S45 यीशु कै पाच्छै चाल्लण का मतलब
- MRK.S46 यीशु का रुपांतर
- MRK.S47 बाळक ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
- MRK.S48 अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की दोबारा भविष्यवाणी
- MRK.S49 सारया तै बड्ड़ा कौण?
- MRK.S50 जो बिरोध म्ह न्ही, वो पक्ष म्ह सै
- MRK.S51 ठोक्कर का कारण बणणा
- MRK.S52 तलाक कै बारै म्ह यीशु की शिक्षा
- MRK.S53 बाळकां ताहीं आशीर्वाद
- MRK.S54 धनी माणस अर अनन्त जीवन
- MRK.S55 अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु मसीह की तीसरी भविष्यवाणी
- MRK.S56 याकूब अर यूहन्ना की बिनती
- MRK.S57 आन्धे बरतिमाई ताहीं आँखां का दान
- MRK.S58 यरुशलेम म्ह विजय-प्रवेश
- MRK.S59 अंजीर के दरखत ताहीं श्राप देणा
- MRK.S60 मन्दर तै व्यापारियाँ का काढ्या जाणा
- MRK.S61 बिश्वास की सामर्थ्य
- MRK.S62 यीशु के अधिकार पै सवाल
- MRK.S63 दुष्ट किसानां का उदाहरण
- MRK.S64 कैसर ताहीं कर देणा
- MRK.S65 मरे होया म्ह तै जिन्दा हो जाणा अर ब्याह
- MRK.S66 सारया तै बड्ड़ा हुकम
- MRK.S67 यीशु का प्रश्न
- MRK.S68 शास्त्रियाँ तै सावधान
- MRK.S69 कंगाल बिधवा का दान
- MRK.S70 मन्दर कै विनाश की भविष्यवाणी
- MRK.S71 आखरी दिनां के चिन्ह
- MRK.S72 महासंकट-काल
- MRK.S73 माणस के बेट्टे का पुनरागमन
- MRK.S74 अंजीर के दरखत का उदाहरण
- MRK.S75 सदा जागदे रहो
- MRK.S76 यीशु कै खिलाफ षडयंत्र
- MRK.S77 बैतनिय्याह म्ह यीशु का स्वागत
- MRK.S78 यहूदा का बिश्वासघात
- MRK.S79 आखरी भोज
- MRK.S80 चेल्यां कै गेल्या फसह का अंतिम भोज
- MRK.S81 चेल्यां कै साथ प्रभु भोज
- MRK.S82 पतरस के मुकर जाण की भविष्यवाणी
- MRK.S83 गतसमनी म्ह यीशु की प्रार्थना
- MRK.S84 यीशु का धोक्खे तै पकड़वाया जाणा
- MRK.S85 यहूदी अगुवां की सभा कै स्याम्ही यीशु
- MRK.S86 पतरस का इन्कार
- MRK.S87 पिलातुस कै स्याम्ही यीशु
- MRK.S88 यीशु ताहीं मृत्युदण्ड की आज्ञा
- MRK.S89 सैनिकां कै जरिये यीशु का अपमान
- MRK.S90 यीशु का क्रूस पै चढ़ाया जाणा
- MRK.S91 यीशु का जी देणा
- MRK.S92 यूसुफ की कब्र म्ह यीशु का गाड्या जाणा
- MRK.S93 यीशु का मरे होया म्ह तै जिन्दा हो जाणा
- MRK.S94 मरियम मगदलीनी नै यीशु का दिखणा
- MRK.S95 दो चेल्यां नै यीशु का दिखणा
- MRK.S96 महान आदेश
- MRK.S97 यीशु का सुर्ग म्ह जाणा


