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- 1SA.S1 हन्ना अल्लाह से बच्चा माँगती है
- 1SA.S2 समुएल की पैदाइश और बचपन
- 1SA.S3 हन्ना का गीत
- 1SA.S4 एली के बेटों की बेदीन ज़िंदगी
- 1SA.S5 माँ-बाप समुएल से मिलने आते हैं
- 1SA.S6 एली के बेटे बाप की नहीं सुनते
- 1SA.S7 एली के घराने को सज़ा मिलने की पेशगोई
- 1SA.S8 अल्लाह समुएल से हमकलाम होता है
- 1SA.S9 फ़िलिस्ती अहद का संदूक़ छीन लेते हैं
- 1SA.S10 एली की मौत
- 1SA.S11 फ़ीनहास की बेवा की मौत
- 1SA.S12 फ़िलिस्तियों में अहद का संदूक़
- 1SA.S13 अहद का संदूक़ इसराईल वापस लाया जाता है
- 1SA.S14 अहद का संदूक़ क़िरियत-यारीम में
- 1SA.S15 तौबा की वजह से इसराईली फ़िलिस्तियों पर फ़तह पाते हैं
- 1SA.S16 इसराईल बादशाह का तक़ाज़ा करता है
- 1SA.S17 बादशाह के हुक़ूक़
- 1SA.S18 साऊल बाप की गधियाँ तलाश करता है
- 1SA.S19 समुएल साऊल की मेहमान-नवाज़ी करता है
- 1SA.S20 साऊल को मसह किया जाता है
- 1SA.S21 साऊल बादशाह बन जाता है
- 1SA.S22 साऊल अम्मोनियों पर फ़तह पाता है
- 1SA.S23 साऊल की दुबारा तसदीक़
- 1SA.S24 समुएल की अलविदाई तक़रीर
- 1SA.S25 फ़िलिस्तियों से जंग
- 1SA.S26 साऊल की बेसब्री
- 1SA.S27 जंग की तैयारियाँ
- 1SA.S28 यूनतन फ़िलिस्तियों पर हमला करता है
- 1SA.S29 रब फ़िलिस्तियों पर फ़तह देता है
- 1SA.S30 साऊल की बेसोचे-समझे लानत
- 1SA.S31 साऊल की जंगें
- 1SA.S32 साऊल का ख़ानदान
- 1SA.S33 तमाम अमालीक़ियों को हलाक करने का हुक्म
- 1SA.S34 फ़रमाँबरदारी क़ुरबानियों से अहम है
- 1SA.S35 नए बादशाह दाऊद को मुक़र्रर किया जाता है
- 1SA.S36 दाऊद साऊल को बदरूह से आराम दिलाता है
- 1SA.S37 जाती जालूत
- 1SA.S38 दाऊद भाइयों से मिलने के लिए फ़ौज के पास जाता है
- 1SA.S39 हथियार का चुनाव
- 1SA.S40 दाऊद की फ़तह
- 1SA.S41 साऊल दाऊद के ख़ानदान का पता करता है
- 1SA.S42 दाऊद और यूनतन की दोस्ती
- 1SA.S43 साऊल दाऊद से हसद करता है
- 1SA.S44 दाऊद साऊल का दामाद बन जाता है
- 1SA.S45 यूनतन दाऊद की सिफ़ारिश करता है
- 1SA.S46 साऊल का दाऊद पर दूसरा हमला
- 1SA.S47 दाऊद रामा में समुएल के पास
- 1SA.S48 दाऊद और यूनतन अहद बाँधते हैं
- 1SA.S49 साऊल की दाऊद से अलानिया दुश्मनी
- 1SA.S50 दाऊद नोब में अख़ीमलिक के पास ठहरता है
- 1SA.S51 दाऊद फ़िलिस्ती बादशाह के पास
- 1SA.S52 अदुल्लाम के ग़ार और मोआब में
- 1SA.S53 साऊल नोब के इमामों से बदला लेता है
- 1SA.S54 दाऊद क़ईला को बचाता है
- 1SA.S55 यूनतन दाऊद से मिलता है
- 1SA.S56 दाऊद ज़ीफ़ में बच जाता है
- 1SA.S57 दाऊद साऊल को क़त्ल करने से इनकार करता है
- 1SA.S58 समुएल की मौतनाबाल दाऊद की बेइज़्ज़ती करता है
- 1SA.S59 अबीजेल दाऊद का ग़ुस्सा ठंडा करती है
- 1SA.S60 रब नाबाल को सज़ा देता है
- 1SA.S61 अबीजेल की दाऊद से शादी
- 1SA.S62 दाऊद साऊल को दूसरी बार बचने देता है
- 1SA.S63 दाऊद दुबारा अकीस के पास
- 1SA.S64 साऊल जादूगरनी की तरफ़ रुजू करता है
- 1SA.S65 फ़िलिस्ती दाऊद पर शक करते हैं
- 1SA.S66 सिक़लाज की तबाही और दाऊद का बदला
- 1SA.S67 माले-ग़नीमत की तक़सीम
- 1SA.S68 साऊल और उसके बेटों का अंजाम


