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- ACT.S1 ईसा को उठाया जाता है
- ACT.S2 यहूदाह का जा-नशीन
- ACT.S3 रूहुल-क़ुद्स की आमद
- ACT.S4 पतरस का पैग़ाम
- ACT.S5 ईमानदारों की हैरतअंगेज़ ज़िंदगी
- ACT.S6 लँगड़े आदमी की शफ़ा
- ACT.S7 बैतुल-मुक़द्दस में पतरस का पैग़ाम
- ACT.S8 पतरस और यूहन्ना यहूदी अदालते-आलिया के सामने
- ACT.S9 दिलेरी के लिए दुआ
- ACT.S10 ईमानदारों की मुश्तरका मिलकियत
- ACT.S11 हननियाह और सफ़ीरा
- ACT.S12 मोजिज़े
- ACT.S13 रसूलों की ईज़ारसानी
- ACT.S14 रसूलों के सात मददगार
- ACT.S15 स्तिफ़नुस की गिरिफ़्तारी
- ACT.S16 स्तिफ़नुस की तक़रीर
- ACT.S17 स्तिफ़नुस को संगसार किया जाता है
- ACT.S18 साऊल जमात को सताता है
- ACT.S19 ख़ुशख़बरी सामरिया में फैल जाती है
- ACT.S20 फ़िलिप्पुस और एथोपिया का अफ़सर
- ACT.S21 पौलुस की तबदीली
- ACT.S22 साऊल दमिश्क़ में अल्लाह की ख़ुशख़बरी सुनाता है
- ACT.S23 साऊल यरूशलम में
- ACT.S24 पतरस लुद्दा और याफ़ा में
- ACT.S25 पतरस और कुरनेलियुस
- ACT.S26 पतरस की तक़रीर
- ACT.S27 रूहुल-क़ुद्स ग़ैरयहूदियों पर नाज़िल होता है
- ACT.S28 यरूशलम की जमात में पतरस की रिपोर्ट
- ACT.S29 अंताकिया में जमात
- ACT.S30 मज़ीद ईज़ारसानी
- ACT.S31 पतरस की रिहाई
- ACT.S32 हेरोदेस अग्रिप्पा की मौत
- ACT.S33 बरनबास और साऊल को तबलीग़ी ख़िदमत के लिए चुना जाता है
- ACT.S34 क़ुबरुस में
- ACT.S35 पिसिदिया के शहर अंताकिया में मुनादी
- ACT.S36 इकुनियुम में
- ACT.S37 लुस्तरा और दिरबे
- ACT.S38 शाम के अंताकिया में वापसी
- ACT.S39 यरूशलम में मुशावरती इजतिमा
- ACT.S40 ग़ैरयहूदी ईमानदारों के नाम ख़त
- ACT.S41 पौलुस और बरनबास जुदा हो जाते हैं
- ACT.S42 तीमुथियुस का चुनाव
- ACT.S43 त्रोआस में पौलुस की रोया
- ACT.S44 फ़िलिप्पी में लुदिया की तबदीली
- ACT.S45 फ़िलिप्पी की जेल में
- ACT.S46 थिस्सलुनीके में
- ACT.S47 बेरिया में
- ACT.S48 अथेने में
- ACT.S49 कुरिंथुस में
- ACT.S50 अंताकिया तक वापसी का सफ़र
- ACT.S51 अपुल्लोस इफ़िसुस और कुरिंथुस में
- ACT.S52 पौलुस इफ़िसुस में
- ACT.S53 राहनुमा इमाम स्किवा के सात बेटे
- ACT.S54 इफ़िसुस में हंगामा
- ACT.S55 मकिदुनिया और अख़या में
- ACT.S56 त्रोआस में पौलुस की अलविदाई मीटिंग
- ACT.S57 त्रोआस से मीलेतुस तक
- ACT.S58 इफ़िसुस के बुज़ुर्गों के लिए पौलुस की अलविदाई तक़रीर
- ACT.S59 पौलुस यरूशलम जाता है
- ACT.S60 पौलुस याक़ूब से मिलता है
- ACT.S61 बैतुल-मुक़द्दस में पौलुस की गिरिफ़्तारी
- ACT.S62 पौलुस अपना दिफ़ा करता है
- ACT.S63 पौलुस की तबदीली का बयान
- ACT.S64 पौलुस की ग़ैरयहूदियों में ख़िदमत का बुलावा
- ACT.S65 पौलुस यहूदी अदालते-आलिया के सामने
- ACT.S66 पौलुस के ख़िलाफ़ साज़िश
- ACT.S67 पौलुस को गवर्नर फ़ेलिक्स के पास भेजा जाता है
- ACT.S68 पौलुस पर मुक़दमा
- ACT.S69 पौलुस का दिफ़ा
- ACT.S70 पौलुस फ़ेलिक्स और द्रूसिल्ला के सामने
- ACT.S71 पौलुस शहनशाह से अपील करता है
- ACT.S72 पौलुस अग्रिप्पा और बिरनीके के सामने
- ACT.S73 पौलुस का अग्रिप्पा के सामने दिफ़ा
- ACT.S74 पौलुस अपनी तबदीली का ज़िक्र करता है
- ACT.S75 पौलुस अपनी ख़िदमत का बयान करता है
- ACT.S76 पौलुस का रोम की तरफ़ सफ़र
- ACT.S77 समुंदर पर तूफ़ान
- ACT.S78 जहाज़ टुकड़े टुकड़े हो जाता है
- ACT.S79 जज़ीराए-मिलिते में
- ACT.S80 जज़ीराए-मिलिते से रोम तक
- ACT.S81 रोम में


