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- NEH.S1 नहमियाह यरूशलम के लिए दुआ करता है
- NEH.S2 नहमियाह को यरूशलम जाने की इजाज़त मिलती है
- NEH.S3 नहमियाह फ़सील का मुआयना करता है
- NEH.S4 फ़सील को तामीर करने का फ़ैसला
- NEH.S5 फ़सील की तामीरे-नौ
- NEH.S6 संबल्लत यहूदियों का मज़ाक़ उड़ाता है
- NEH.S7 दुश्मन के हमलों की मुदाफ़अत
- NEH.S8 ग़रीबों का क़र्ज़ा मनसूख़
- NEH.S9 नहमियाह का अच्छा नमूना
- NEH.S10 नहमियाह के ख़िलाफ़ साज़िश
- NEH.S11 फ़सील की तकमील
- NEH.S12 जिलावतनी से वापस आए हुओं की फ़हरिस्त
- NEH.S13 अज़रा शरीअत की तिलावत करता है
- NEH.S14 झोंपड़ियों की ईद
- NEH.S15 इसराईली अपने गुनाहों का इक़रार करते हैं
- NEH.S16 क़ौम का अहदनामा
- NEH.S17 यरूशलम और यहूदाह के बाशिंदे
- NEH.S18 इमामों और लावियों की फ़हरिस्त
- NEH.S19 फ़सील की मख़सूसियत
- NEH.S20 रब के घर के गोदामों की ज़िम्मादारी
- NEH.S21 मोआबियों और अम्मोनियों से अलहदगी
- NEH.S22 रब के घर के इंतज़ाम की इसलाह
- NEH.S23 सबत की बहाली
- NEH.S24 ग़ैरयहूदियों से रिश्ता बाँधना मना है


