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  1. ROM.S1 धन्यवाद की प्रार्थना
  2. ROM.S2 सुसमाचार की सामर्थ
  3. ROM.S3 आदम जाति को पाप
  4. ROM.S4 परमेश्वर को न्याय
  5. ROM.S5 यहूदी अऊर व्यवस्था
  6. ROM.S6 कोयी सच्चो नहाय
  7. ROM.S7 विश्वास द्वारा सच्चायी
  8. ROM.S8 अब्राहम को उदाहरन
  9. ROM.S9 विश्वास को द्वारा प्रतिज्ञा को मिलनो
  10. ROM.S10 परमेश्वर सी मेल-मिलाप
  11. ROM.S11 आदम द्वारा मरनो मसीह द्वारा जीवन
  12. ROM.S12 पाप को लायी मृतक: मसीह म जीवन
  13. ROM.S13 सच्चायी को सेवक
  14. ROM.S14 बिहाव जीवन को उदाहरन
  15. ROM.S15 व्यवस्था अऊर पाप
  16. ROM.S16 आदमी को अन्दर लड़ाई
  17. ROM.S17 पवित्र आत्मा को द्वारा जीवन
  18. ROM.S18 भविष्य म प्रगट होन वाली महिमा
  19. ROM.S19 परमेश्वर को प्रेम
  20. ROM.S20 परमेश्वर अऊर ओको चुन्यो हुयो लोग
  21. ROM.S21 परमेश्वर को गुस्सा अऊर दया
  22. ROM.S22 इस्राएल को लायी पौलुस की प्रार्थना
  23. ROM.S23 उद्धार हय सब को लायी
  24. ROM.S24 इस्राएल पर परमेश्वर की दया
  25. ROM.S25 गैरयहूदियों को उद्धार
  26. ROM.S26 परमेश्वर सी सब को उद्धार
  27. ROM.S27 परमेश्वर की स्तुति
  28. ROM.S28 जीवन सी परमेश्वर की सेवा
  29. ROM.S29 राज्य को अधिकारियों को प्रति कर्तव्यों
  30. ROM.S30 एक-दूसरों को प्रति कर्तव्य
  31. ROM.S31 एक दूसरों को न्याय मत करो
  32. ROM.S32 एक अऊर पतन को कारन मत बनावो
  33. ROM.S33 दूसरों की उन्नति करो
  34. ROM.S34 सब को लायी सुसमाचार
  35. ROM.S35 साहसपूर्वक लिखन को वजह
  36. ROM.S36 रोम यात्रा की पौलुस की योजना
  37. ROM.S37 व्यक्तिगत अभिवादन
  38. ROM.S38 आखरी निर्देश
  39. ROM.S39 परमेश्वर की स्तुति