आखरी अभिवादन

12मन्‍नै या छोट्टी चिट्ठी लिखकै सिलवानुस के हाथ थारे धोरै भेजी सै, जिस ताहीं मै मसीह म्ह बिश्वास जोग्गा भाई समझूँ सूं, मेरे लिखण का यो मकसद सै के मै थारे ताहीं उत्साहित कर सकूँ, अर थारे ताहीं बिश्वास दिला सकूँ, के जो थम अनुभव करण लागरे सों, वो असलियत म्ह परमेसवर की करुणा का हिस्सा सै, थम उस कृपा म्ह बणे रहों। 13जो बिश्वासी बेबीलोन नगर म्ह सै, उन ताहीं भी परमेसवर नै चुण्या सै, जिस तरियां थारे ताहीं चुण्या, उनका अर मरकुस जो मेरे बेट्टे की तरियां सै, उसका थारे ताहीं नमस्कार। 14आप्पस म्ह एक-दुसरे ताहीं गळे मिलकै प्यार तै नमस्कार करो। थम सारया ताहीं, जो मसीह म्ह हो, थमनै शान्ति मिलदी रहवै।