फसह का दुसरी बार मनाया जाणा

23फेर सारी सभा नै सलाह करी के हम और सात दिन त्यौहार मनावांगे; आखर उननै और सात दिन आनन्द तै त्यौहार मनाया। 24क्यूँके यहूदा के राजा हिजकिय्याह नै सभा ताहीं एक हजार बाछड़े अर सात हजार भेड़-बकरी दे दी, अर हाकिमां नै सभा म्ह एक हजार बाछड़े अर दस हजार भेड़-बकरी दी, अर भोत-से याजकां नै अपणे आप ताहीं पवित्र करया। 25फेर याजकां अर लेवियाँ समेत यहूदा की सारी सभा, अर इस्राएल तै आए होया की सभा, अर इस्राएल के देश तै आए होए, अर यहूदा म्ह रहणआळे परदेशी, इन सारया नै आनन्द करया। 26इस तरियां यरुशलेम म्ह बड़ा आनन्द होया, क्यूँके दाऊद के बेट्टे इस्राएल के राजा सुलैमान के दिनां तै इसी बात यरुशलेम म्ह ना होई थी। 27अन्त म्ह लेवीय याजकां नै खड़े होकै प्रजा ताहीं आशीर्वाद दिया, अर उनकी सुणी गई, अर उनकी प्रार्थना उसके पवित्र धाम ताहीं यानिके सुर्ग ताहीं पोहची।