मसीह म्ह नई सृष्टि
16इस करकै इब हमनै माणसां ताहीं दुनियावी नजरिये तै देखणा छोड़ दिया सै। हालाके एक बखत था, जिब हमनै मसीह ताहीं भी दुनियावी नजरिये तै देख्या था, पर इब न्ही, क्यूँके इब हम उस ताहीं जाणगे सां। 17जै कोए मसीह म्ह बिश्वास करै सै, तो वो नयी जिन्दगी पा लेवै सै। पुराणा सुभाव चल्या जावै सै, अर नया सुभाव आ जावै सै। 18ये सारी बात परमेसवर की ओड़ तै सै, जिसनै मसीह कै जरिये अपणे गेल्या म्हारा मेळ-मिलाप कर लिया सै, अर मेळ-मिलाप की सेवकाई का काम म्हारै ताहीं सौंप दिया सै। 19यानिके परमेसवर नै मसीह म्ह होकै अपणे गेल्या दुनिया का मेळ-मिलाप कर लिया, अर माणसां के पापां का दोष उनपै न्ही लाया, अर याए बात मेळ-मिलाप का सन्देस सै, जो परमेसवर नै म्हारै ताहीं सौंप दिया सै।
20ज्यांतै, हम मसीह के राजदूत सां। परमेसवर म्हारै जरिये माणसां तै बिनती करण लाग रहया सै। हम मसीह की ओड़ तै थारे तै बिनती करा सां, के परमेसवर कै गेल्या मेळ-मिलाप कर ल्यो। 21मसीह जो पाप तै अनजाण था, उस्से ताहीं परमेसवर नै म्हारै खात्तर पापी ठहराया, ताके हम परमेसवर की नजर म्ह धर्मी बण जावां, क्यूँके यीशु मसीह नै म्हारे पापां का दण्ड अपणे उप्पर ले लिया।


