कलीसिया खात्तर प्रेम
14देक्खो, मै तीसरी बर थारे धोरै आण नै त्यार सूं, अर मै थारे तै कोए मदद न्ही ल्यूँगा, क्यूँके मै थारी सम्पत्ति न्ही बल्के थमनै ए चाहूँ सूं। क्यूँके बाळकां नै माँ-बाप कै खात्तर धन कठ्ठा न्ही करणा चाहिये, पर माँ-बाप नै बाळकां कै खात्तर धन कठ्ठा करणा चाहिए। 15थारी आत्मा के भले खात्तर मै पक्का अपणा सब कुछ खर्च करण खात्तर तैयार सूं, बल्के आप भी खर्च हो जाऊँगा। मै थारे तै प्यार करुँ सूं, पर थम मेरै तै भोत कम प्यार करो सों। 16कुछ भी हो, मै थारे पै बोझ कोनी बण्या। फेर भी कोए नै कोए मेरे पै यो दोष जरुर लगा सकै सै, के मन्नै श्याणपत तै थारे ताहीं धोक्खा देकै फँसा लिया। 17मन्नै ना ए तो तीतुस अर ना ए किसे और के जरिये अपणे खात्तर थारे तै पईसे लिये। 18मन्नै तीतुस ताहीं समझाकै उसकै गेल्या उस भाई ताहीं भेज्या। के तीतुस नै छळ करकै थारे तै किमे लिया? के म्हारा सुभाव एक ए तरियां तै प्रेरित का न्ही था? के हम उनकी ए लीक पै न्ही चाल्ले?
19थम इब भी योए समझरे सों, के हम थारे स्याम्ही बदले म्ह जवाब देण लागरे सां। हम तो परमेसवर नै हाजर जाणकै मसीह म्ह बोल्लां सां, हे प्यारे बिश्वासी भाईयो, हम ये सारी बात थमनै बिश्वास म्ह मजबूत करण खात्तर कह्वां सां। 20क्यूँके मन्नै इस बात का डर सै, कदे इसा ना हो के मै आकै जिसा चाहूँ सूं, उसाए थमनै पाऊँ; अर मन्नै भी जिसा न्ही चाहो सो उसाए पाओ; मन्नै इस बात का डर सै के ओड़ै झगड़ा, जळण, छो, उदासी, बिरोध, चुगली, घमण्ड अर बखेड़े ना हों; 21कदे इसा ना हो के जिब मै दुबारा आऊँ, तो मेरा परमेसवर मेरै ताहीं अपमानित करै। अर मन्नै घणखरयां खात्तर फेर दुखी होणा पड़ै, जिन नै पैहल्या पाप करया था। अर भुन्डे़ काम अर जारी अर लुचपण के कारण पाप करणा न्ही छोड्या।


