इस्राएल का दोबारा निर्माण
11यहोवा नै कह्या, “उस बखत मै दाऊद की गिरी होई झोपड़ी नै खड्या करुँगा, अर उसके बाड़े के नाकां ताहीं सुधारूँगा, अर उसके खण्डहरां नै फेर बणाऊँगा, अर जिसा वो पुराणे बखत म्ह था, उस ताहीं उसाए बणा दियुँगा; 12जिसतै वे बचे होए एदोमियां नै बलके सारी जात्तां ताहीं जो मेरी कुहवावै सैं, अपणे हक म्ह लेवैं,” यहोवा जो यो काम पूरा करै सै, उसकी याए वाणी सै।
13यहोवा की यो भी वाणी सै, “देक्खो, इसे दिन आवैं सैं, के हळ जोत्तण आळा लवण आळे ताहीं अर दाख रोंदण आळा बीज बोण आळे ताहीं जा लेवैगा; अर पहाड़ां तै नया दाखमधु टपकण लागैगा, अर सारी पहाड़ियाँ तै बह लिकड़ैगा। 14मै अपणी प्रजा इस्राएल के कैदियाँ नै बोहड़ा ले आऊँगा, अर वे उजड़े होए नगरां ताहीं सुधारकै उन म्ह बसैंगे; वे दाख के बाग लगाकै दाखमधु पीवैंगे, अर बगीचे लगाकै उनके फळ खावैंगे। 15मै उननै, उन्हे की धरती म्ह बोऊँगा, अर वे अपणी धरती म्ह तै जो मन्नै उन ताहीं दी सै, फेर कदे उखाड़े न्ही जावैंगे,” थारे परमेसवर यहोवा का योए वचन सै।


