फसह का गीत
1जिब इस्राएल नै मिस्र तै, यानी के याकूब कै कुण्बे नै न्यारी बोल्ली आळयां कै बीच म्ह चालणा शरु करया,
2फेर यहूदा यहोवा का पवित्र स्थान
अर इस्राएल उसके राज्य के लोग होंगे।
3समुन्दर देखकै भाज्या,
यरदन नदी उलटी बहण लाग्गी।
4पहाड़ मिंढा की तरियां उछळण लाग्गे,
अर पहाड़ियाँ भेड़-बकरियाँ कै बच्यां की तरियां उछळण लाग्गी।
5हे समुन्दर, तेरै के होया, के तू भाज्या?
अर हे यरदन नदी तेरै के होया के तू उलटी बही?
6हे पहाड़ों थारै के होया, के थम भेड्डां की तरियां,
अर हे पहाड़ियों थारै के होया, के थम भेड़-बकरियाँ के बच्यां की तरियां उछळे?
7हे धरती प्रभु कै आग्गै,
हाँ, याकूब के परमेसवर कै आग्गै थरथरा।
8वो पहाड़ नै पाणी का जोह्ड़,
कठोर चकमक के पत्थर नै पाणी का चोवा बणा दे सै।


