ब्याह का गीत
प्रधान बजाण आळे खात्तर शोशन्नीम म्ह कोरहवंशियों का मश्कील प्रेम प्रीति का गीत
1मेरा मन एक सुन्दर भाव की उमंग तै
उमड़ण लाग रह्या सै,
जो बात मन्नै राजा कै बारै म्ह रची सै उस ताहीं
सुणाऊँ सूं; मेरी जीभ एक अनुभवी लेखक की कलम सै।
2तू माणसां की औलाद म्ह तै सारया तै सुन्दर सै;
तेरे होठ्ठां म्ह अनुग्रह भरया सै;
इस करकै परमेसवर नै तेरे तै सदा कै खात्तर आशीर्वाद
दिया सै।
3हे वीर, तू अपणी तलवार नै जो तेरा वैभव
अर प्रताप सै अपणी कमर पै बाँध!
4सच्चाई, नम्रता अर धर्म कै जरिये अपणे
ऐश्वर्य अर प्रताप पै कामयाबी तै सवार हो;
तेरा सोळा हाथ तन्नै भयानक काम सिखावै!
5तेरे तीर तो तेज सै,
तेरे स्याम्ही देश-देश के माणस झुकैंगे;
राजा के दुश्मनां के मन उनतै छिदैंगे।
6हे परमेसवर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बण्या
रह्वैगा;
तेरा राजदण्ड न्याय का सै।
7तन्नै धार्मिकता तै प्रेम अर बुराई तै बैर राख्या सै।
इस करकै परमेसवर नै हाँ, तेरे परमेसवर नै
तेरे साथियाँ तै घणे आनन्द कै तेल
तै तेरा अभिषेक करया सै।
8तेरे सारे कपड़े, गन्धरस, अगर, अर तेज तै
खसबूदार सै,
तू हाथी दाँत के मन्दरां म्ह तारआळे बाजां कै
कारण खुश होया सै।
9तेरी प्रतिष्ठित बिरबानियाँ म्ह सारी राजकुमारी भी सै;
तेरी सोळी ओड़ पटराणी, ओपीर के कुन्दन
तै सजी खड़ी सै।
10हे राजकुमारी सुण, अर कान लगाकै ध्यान दे;
अपणे माणसां नै अर अपणे पिता के घर नै भूल जा;
11अर राजा तेरे रूप की चाह करैगा।
क्यूँके वो तेरा प्रभु सै, तू उस्से का आदर कर।
12सोर नगर की राजकुमारी भी उपहार देण खात्तर
ओड़ै होवैगी,
प्रजा के धनी माणस तन्नै राज्जी करण का
जतन करैगें।
13राजकुमारी महल म्ह भोत खूबसूरत सै,
उसके लत्यां म्ह सोन्ने के बुट्टे कढ़े होए सै;
14वा बुट्टेदार लत्ते पिराह कै राजा कै धोरै
पोहचाई जावैगी।
जितनी कुमारी उसकी सहेली सै,
वे उसकै पाच्छै-पाच्छै चाल्दी होई तेरे धोरै पोहचाई जावैगी।
15वे आनन्दित अर मगन होकै पोहचाई जावैंगी,
अर वे राजा कै महल म्ह दाखल होवैंगी।
16तेरे पूर्वजां की जगहां तेरे बेट्टे होवैंगे;
जिन ताहीं तू सारी धरती का प्रधान बणावैगा।
17मै इसा करुँगा, के तेरे नाम की चर्चा पीढ़ी
तै पीढ़ी तक होंदी रहवैगी;
इस कारण देश-देश के लोग सदा-सदा तेरा
धन्यवाद करदे रहवैंगे।


