आखरी नमस्ते

7हमर पिरिया भाई तुखिकुस जउन अक्ठी बिस्वासी हरवाह अउ परभु हे संगी दास हबै, तुमके मोर सगलू संदेस गुठे देही। 8मै उके तुम्हर लिघ्घो इहैनिता पठोथो कि तुम हमर बारे हे पूर संदेस जान जा अउ तुम्हर हिरदय के प्रोत्साहन करै। 9अउ ओखर संग मै उनेसिमुस हमर पिरिया अउ बिस्वास के काबिल भाई के पठोय हव, जउन तुम मसे अक्ठी हबै, हइ हमर सगलू हालत लग तुमके चिन्हारी करवाही।

10अरिस्तर्खुस, जउन मोर संग कैदी हबै, अउ बरनबास के भाई मरकुस तुम सब के नमस्ते कथै, मर के बारे हे तुमके आदेस मिल चुके हबै, अगर ऊ तुम्हर इहां आबै, ता उनखर सोगत करा। 11अउ यीसु के, जेखर उपनाम यूस्तुस हबै, तुम सबके नमस्ते कथै, खतना बाले भाई मसे हइ तीन भगवान के राज के निता मोर संग काम करथै, इन मसे मोके बडा प्रोत्साहन मिले हबै।

12इपफ्रास, जउन तुम मसे हबै, अउ मसीह यीसु के हरवाह हबै, तुमके नमस्ते कथै अउ सबैरोज तुम्हर निता बिनती हे सुरता करथै, ताकि तुम सिध्द हुइके पूर बिस्वास के संग भगवान के इक्छा हे स्थिर रइहा। 13मै इनखर बारे हे हइ गवाही दइ सकथों कि हइ तुम्हर निता अउ लउदीकिया अउ हियरापुलिस बालेन के निता बोहत कस्ट उठाउत हबै। 14पिरिया गुनिया लूका अउ देमास के मनसेन के नमस्ते कथै।

15लउदीकिया हे रहै बाले भाई के अउ नुमफास अउ ऊ मंडली के जउन ओखर घर हे जुडथै, नमस्ते पहुंचै। 16हइ चिट्ठी के तुम्हर बीच पढे जाय के बाद हइ धियान रहै कि हइ लउदीकिया सहर के मंडली के आगू पढे जाय, तुम मोर ऊ चिट्ठी के पढ लइहा, जउन लउदीकिया सहर लग आही। 17अर्खिप्पुस लग कहि दे कि ऊ हइ बात के धियान रखै कि परभु हे जउन सेबा उके सउपे गय हबै, ऊ स्वीकार करके पूर करा।

18मै पोलुस, अपन हाथ लग हइ नमस्ते लिखथो, मै जेल हे हव, मोके बिनती हे सुरता रखिहा, तुम्हर उप्पर अनुगरह किरपा लगेतार होवत रहै।