नूह अउ ओखर टोरवा
18जिहाज लग बाहिर निकरै बाले नूह के टोरवा, सेम, हाम अउ येपेत हबै, हाम कनान के बाफ रथै। 19हइ तीनोठे नूह के टोरवा रथै, अउ दुनिया के सगलू मनसे हइ तीनो लग पइदा हुइन। 20नूह खेती बारी करै का सुरुवात करिस, ऊ अंगूर कर अक्ठी बगिया लगाइस। 21नूह अक रोज अंगूर के दारू के पीके नसा हे भुत्त हुइ गय अउ अपन तम्बू हे बिगर कपडा के पसर गइस। 22तब कनान के बाफ हाम अपन बाफ नूह के लंगडा देखिस, अउ ऊ बाहिर आयके अपन दोनो भाइयन के गुठे देथै। 23तब सेम अउ येपेत अक्ठी कपडा अपन कांधा हे धरथै, अउ पछुत्ता चल के भित्तर गइन अउ उन अपन बाफ के ओढाय देथै, अउ उन अपन मुंह पाछू करे रथै, इहैनिता उन असना करथै, कि अपन बाफ के बिना कपडा के झइ देख सकै। 24जब नूह के नसा उतरथै तब ऊ जान जथै, कि ओखर सब लग नान लरका ओखर संग काहिन करे हबै। 25नूह उके सराप देथै, “कनान सापित हबै, ऊ अपन भाइयन के दासो के दास होय।” 26नूह फेरै कथै, “सेम के परभु भगवान धन्य हबै, कनान देस सेम के दास होय। 27भगवान येपेत के लरकन के फइलाबै, अउ येपेत सेम के तम्बू हे रहै, अउ कनान देस ओखर दास बनै।” 28जल परलय के बाद नूह तीन सव पचास साल तक जिन्दा रथै। 29हइ मेर लग नूह के कुल उमर नव सव पचास साल हुइस, एखर बाद नूह के मिरतू हुइ गइस।


