याकूब अउ लाबान के बीच टीमा

43लाबान याकूब लग कथै, “हइ टोरिया मोर बिटिया हबै, उनखर लरका मोर हबै, हइ गेडरा मोर हबै, जउन कुछु तै इहां देखथा, मोर हबै, पय मै अपन टोरिया अउ उनखर लरका के रखै के निता कुछु नेहको कर सकथो। 44इहैनिता मै तोर लग अक्ठी टीमा करै चाहथो, हमन पथरा के अक्ठी ढेर बनाउबे जउन हइ बताही कि हम टीमा करे चुके हवन।” 45तब याकूब अक्ठी पथरा लइके उके खम्भा के रूप हे डाढ करिस। 46तब याकूब अपन परवार लग कथै, पथरा के टुकडा अकजुट करा। उन पथरा के अकजुट करके अक्ठी ढेर बनाइस, अउ उहां ओखर उप्पर बइठ के भोजन करिस। 47लाबान ऊ जिघा के नाम धरिस यज्रसहादुथा, पय याकूब ऊ जिघा के नाम गिलियाद धरिस। 48लाबान याकूब लग कथै, “हइ पथरा के ढेर हम दोनोझन के हमर टीमा के सुरता दिलामै हे मदत मिलही।” हइ कारन हबै कि याकूब ऊ जिघा के गिलियाद धरिस। 49तब लाबान कथै, “भगवान, हम के अक दूसर लग अगले होमै के देखभाल करत रहै, इहैनिता ऊ जिघा के नाम मिजपा होही। 50तब लाबान कथै, अगर तै मोर टोरिया के चोंट पहुंचइहे ता सुरता रखबे, भगवान तोके सजा देही, अगर तै दूसर डउकी लग काज करिहे ता सुरता रखबे, भगवान तोके देखथै।” 51फेर लाबान याकूब लग कथै, “इहां हइ पथरा हबै, जउन हमर बीच हे रखे हबै अउ हइ खासकर पथरा हबै जउन बताही कि हम टीमा करे हबै। 52हइ ढेर गवाह हबै, हइ पथरा सबूत हबै कि अपन टीमा के सुरता करामै हे मदत करही, तोर लग लडै के निता हइ पथरा के पार नेहको जहुं, अउ तै मोर लग लडै के निता हइ पथरा लग आगू मोर पल्ला कबहुन नेहको आबे। 53अब्राहम के भगवान, नाहोर के भगवान अउ उनखर बाफ दादान के भगवान हमके न्याय करही।” याकूब के बाफ इसहाक भगवान के “भय” नाम लग पुकारिस, इहैनिता याकूब टीमा के निता ऊ नाम के निस्तार करिस। 54तब याकूब अक्ठी पसु के मारिस अउ डोंगर हे बलि के रूप हे बलि चढाइस अउ अपन मनसे के भोजन हे सामिल होमै के निता बुलाइस, भोजन करै के बाद उन डोंगर हे रात बिताइस। 55दूसर रोज सुबेन्ने लाबान अपन नाती के चुमिस अउ टोरिया के बिदा करिस, ऊ उनके आसिरवाद दइस अउ अपन घर छो लउट गय।