यीसु के हक हे सबाल
(मत्ती 21:23-27; लूका 20:1-8)
27यीसु अउ चेले यरुसलेम नगर छो आथै, जब ऊ बिनती भवन छो घूमत रथै, ता बलि चढामै बाले पुजारी अउ नियाव के गुरू सियान, ओखर लिघ्घो आयके पूछै लागथै। 28उन ओखर लग पूछथै, तै हइ काम केखर हक लग करथस? अउ हइ हक तोके कोन दय हबै, कि तै हइ काम करथस? 29यीसु उनखर लग कथै, महुं तुम्हर लग अक्ठी बात पूछहूं, अगर मोके जबाब देबे, तब महुं तुमके गुठेहूं, कि हइ काम केखर हक लग करथो। 30यीसु कथै, मोके गुठेवा, यूहन्ना बतिस्मा देय बाले स्वरग के पल्ला लग हबै, कि मनसे के पल्ला लग हबै? 31तब ऊ अपन हे सोचै लागथै, अगर हम कहबो कि स्वरग के पल्ला लग हबै, ता यीसु कहि कि तुम यूहन्ना कर उप्पर बिस्वास काखे नेहको करथा? 32अउ अगर हम कहबो, कि मनसे के पल्ला लग हबै, ता मनसे के डर हबै, काखे सगलू मनसे जानथै, कि यूहन्ना निक्खा ग्यानी मनसे रथै। 33तब उन ओही जबाब देथै, हम नेहको जानथन,
“यीसु उनखर लग कथै महुं तुमके नेहको गुठेहूं, कि मै हइ काम केखर हक लग करथो।”


