चउथा गाना
दुलही
2मै सोउत रहों, पय मोर मन जागत रथै, सुन, मोर परेमी खटखटाथै,
अउ कथै, “हे मोर बेहन, हे मोर परेमी, हे मोर परेवा,
हे मोर निरमल मोर निता दूरा उघार, काखे मोर मूंड ओस लग भरे हबै,
अउ मोर लटा रात हे गिरे हर बूंदन लग फुले हबै।”
3मै अपन कपडा उतार चुके रथो,
मै उके फेर कइसन पहिनों?
मै तो अपन गोड धो चुके रथो,
अब ओही कइसन मइल करों?
4मोर परेमी अपन हाथ केवाड के छेद लग भित्तर डाल दय,
तब मोर हिरदय ओखर निता उमड उठिस।
5मै अपन परेमी कर निता दूरा उघारै के उठिस,
अउ मोर हाथन लग गंधरस टपकिस,
अउ मोर अंगठी लग टपकत गंधरस केवाड कर सकरी कर कुन्डी हे पडिस।
6मै अपन परेमी कर निता दूरा तो उघारो,
पय मोर परेमी पहिलेन कढ गय रहिस,
मै ओखर आरो सुनै के चाहत रहों, मै उके खोजो,
पय ऊ नेहको मिलिस, मै ओही गोहरायों,
पय कउनो जबाब नेहको मिलिस।
7मै पहिरेदार कर हाथ हे पड गयों,
ऊ सहर हे घूम-घूमके पहरा देत रथै,
उन मोके मारिन अउ अधमरहा कर दइन,
सहरपनाह कर दीबार पहिरेदार मोर साल छांडय के मोके बिगर कपडा के कर दइन।
8हे यरुसलेम के टोरिया, मै तुमके किरिया देथो,
अगर तुमके मोर परेमी मिलही,
ता तुम उके हइ जरूर गुठेइहा कि मै माया हे दिवानी हव।
सखी
9हे डउकिन लग परम सुंदरी,
तोर परेमी दूसर परेमी लग कउन बात हे अलग हबै?
ओहमा काहिन खास हबै,
कि तै हमके काखे किरिया देथस?
दुलही
10मोर परेमी गोर अउ लाल जइसन हबै,
ऊ दस हजार हे निक्खा हबै।
11ओखर मूंड चोख सुध्द सोन जइसन हबै,
ओखर लटकत हर बाल कउवा कर
जसना करिया हबै।
12ओखर आंखी उन परेवा कर जसना हबै, जउन दूध हे नहायके नदिया कर टाठा हे,
अपन झुंड हे अक लाइनबार बइठे हर होय।
13ओखर गाल असना सुन्दर जसना,
पूर भरे हर जडी बूटी अउ गंधरस कर बगिया हबै,
ओखर बिबडा सोसन कर फूल
अउ पिघले हर गंधरस टपकथै।
14ओखर हाथ फिरोजा बनाय हर सोन के छड जसना हबै,
ओखर देह नीलम कर फूलन लग बनाय हर हाथी दांत के बने हबै।
15ओखर गोड संगमरमर पथरा के खम्भा हबै,
जउन सुध्द सोना हे बइठाय गय हबै,
ओखर सकल लबानोन डोंगर कर जसना हबै,
सब लग निक्खा देवदार कर रूख कर जसना ऊ सुंदर हबै।
16हां, यरुसलेम कर टोरिया,
मोर परेमी बोहत जादा सुंदर हबै,
सब लग मीठ ओखर आरो हबै,
असना हबै मोर परेमी, इहै मोर संगी हबै।
सखी
1हे टोरिया परम सुंदरी,
तोर परेमी कछो गइस?
तोर परेमी कछो कढ गय कि
हम तोर संग ओही खोजै निकरै?
दुलही
2मोर परेमी अपन बगिया हे
अपन गेडरा छेडी चरामै के निता
सोस फूल चरै कर निता अपन बगिया हे गय हबै,
ऊ सोसन के फूल हे गय हबै।
3मै अपन परेमी कर हव अउ ऊ मोर हबै,
जउन सोसन कर फूल हे अपन गेडरा छेडी चराथै।


