अमसियाह इसराईल के बादशाह युआस से लड़ता है
17एक दिन यहूदाह के बादशाह अमसियाह ने अपने मुशीरों से मशवरा करने के बाद युआस बिन यहुआख़ज़ बिन याहू को पैग़ाम भेजा, “आएँ, हम एक दूसरे का मुक़ाबला करें!” 18लेकिन इसराईल के बादशाह युआस ने जवाब दिया, “लुबनान में एक काँटेदार झाड़ी ने देवदार के एक दरख़्त से बात की, ‘मेरे बेटे के साथ अपनी बेटी का रिश्ता बान्धो।’ लेकिन उसी वक़्त लुबनान के जंगली जानवरों ने उसके ऊपर से गुज़रकर उसे पाँवों तले कुचल डाला। 19अदोम पर फ़तह पाने के सबब से आपका दिल मग़रूर होकर मज़ीद शोहरत हासिल करना चाहता है। लेकिन मेरा मशवरा है कि आप अपने घर में रहें। आप ऐसी मुसीबत को क्यों दावत देते हैं जो आप और यहूदाह की तबाही का बाइस बन जाए?” 20लेकिन अमसियाह मानने के लिए तैयार नहीं था। अल्लाह उसे और उस की क़ौम को इसराईलियों के हवाले करना चाहता था, क्योंकि उन्होंने अदोमियों के देवताओं की तरफ़ रुजू किया था।
21तब इसराईल का बादशाह युआस अपनी फ़ौज लेकर यहूदाह पर चढ़ आया। बैत-शम्स के पास उसका यहूदाह के बादशाह अमसियाह के साथ मुक़ाबला हुआ। 22इसराईली फ़ौज ने यहूदाह की फ़ौज को शिकस्त दी, और हर एक अपने अपने घर भाग गया। 23इसराईल के बादशाह युआस ने यहूदाह के बादशाह अमसियाह बिन युआस बिन अख़ज़ियाह को वहीं बैत-शम्स में गिरिफ़्तार कर लिया। फिर वह उसे यरूशलम लाया और शहर की फ़सील इफ़राईम नामी दरवाज़े से लेकर कोने के दरवाज़े तक गिरा दी। इस हिस्से की लंबाई तक़रीबन 600 फ़ुट थी। 24जितना भी सोना, चाँदी और क़ीमती सामान रब के घर और शाही महल के ख़ज़ानों में था उसे उसने पूरे का पूरा छीन लिया। उस वक़्त ओबेद-अदोम रब के घर के ख़ज़ाने सँभालता था। युआस लूटा हुआ माल और बाज़ यरग़मालों को लेकर सामरिया वापस चला गया।


