अज़रा की सताइश
27रब हमारे बापदादा के ख़ुदा की तमजीद हो जिसने शहनशाह के दिल को यरूशलम में रब के घर को शानदार बनाने की तहरीक दी है। 28उसी ने शहनशाह, उसके मुशीरों और तमाम असरो-रसूख़ रखनेवाले अफ़सरों के दिलों को मेरी तरफ़ मायल कर दिया है। चूँकि रब मेरे ख़ुदा का शफ़ीक़ हाथ मुझ पर था इसलिए मेरा हौसला बढ़ गया, और मैंने इसराईल के ख़ानदानी सरपरस्तों को अपने साथ इसराईल वापस जाने के लिए जमा किया।


