पौलुसान मोन बोदेलनेन वर्णन
12“ज्यास उद्देशाह लेन जेवी मी मुखी चाकऱ्या फाय रेन आदिकार एने उकुम पोत्र मांगीन दमिश्क निही जातालो।” 13तेवी एय राजा, वाटे दोपान टेम माय जाणे बुखेत, मी जुगाम रेन मोटली उजेड़ एक उजेड़ मार एने मार हेऱ्या जाणारान कावदेन चोमेकतालो दिख्यो। 14तेवी आमु आखा बुई पोर जाय पोड़ना, ते मी इब्रानी बाषा माय एक आवाज होमल्यो, “एय शाऊल, एय शाऊल! तु माहु काहा वेला केरावेह? तु ओहलो केरीन सोता दुख पोचाड़ने बाजरिनोह, जिहकेरीन बुयेल तान लात आरीन दारी पोर लात देणे बाजरिनोह।” 15मी केयो, “एय मालीक, तु कुण हे?” एने मालीक जापाप आप्यो, “मी यीशु हे, जाह तु वेला केरावेह। 16पुण तु उठ एने तारा पाया केरीन उब रे। काहाकाय मी तुवाह ज्यानकेरता देरसेन आपेल हे काय तुवाह त्यु वातुन बी सेवक एने गोवा ठेरावु, ज्यु तु आज दिखेल हे। एने तानकेरता बी जो मी तुवाह बविष्या माय केह। 17एने मी तुवाह तार यहुदि माणहाह एने बिगेर यहुदि रेन बी वोचाड़ते रेह, जा फाय तुवाह मोकेलने बाजरिनोह। 18तान डोला उगाड़ने एने ताह आदारा माय रेन उजाला माय लावणे, एने सैतान ने आदिकार माय रेन बोगवानान उगे फिरनेन केरता, तुवाह मोकेलने बाजरिनोह। ताहसे तुवाह होमालीन मेलुह, ज्याह से ता पापान माफी सापड़ावती एने ता माणहान जागो सापड़ावती जो मार माय बोरहान कारेण चोखा ईयेल हेते।”


