जुनलो जीवन आरू नवलो जीवन
5एरकरीन आपने उन डील क मार नाखु जो धरती पर छे, मतलब व्यभिचार, विटळ, दुष्कमना, बुरी लालस आरू लोभ क जो मुर्तिपूजक क बराबर छे। 6इन ही क कारण यहोवा–भगवान क प्रकोप हुकुम नी माननेवावा पर पड़ती छे। 7आरू तुमू भी, जव इन बुराइयो मा जीवन देखाड़ता हुता तो इन्ही क लारे चालता हुता।
8पर हिमी तुमू भी इन सब क, मतलब रीस, दोष, बैरभाव, निन्दा आरू मुय छे लोड़ने बोकने यो सब वात छुड़ देवु। 9एक दिसरा छे झूठ मा बुलू, काहकि तुमू ने जुनला मानुस क ओका काम सहावत उतार नाख्या छे। 10आरू नवलो मानुस क पेहर लेदा छे, जो आपने सृहाहार क स्वरूप क लारे ज्ञान हासिल करने क करता नवलो बनतो जातो छे। 11आरू उका परिणाम यो छे कि त्यो यूनानी आरू नी ते यहूदि मा कोय माहय नी रवतु छे, आरू नी ते काहना खतना करला होया आरू खतना रहीत मा, आरू नी काहना वारलु मानसु आरू वारलु मानसु मा दास नी छु़ला मानुस मा पुन मसीह ज सब जागे छे, आरू सब मा ओको गाव छे।
12एरकरीन यहोवा–भगवान क त्योन्या होया क समान जो चुखलो आरू मोंगावु छे, मोटी दया, आरू भलाई, आरू दीनता, आरू नम्रता, आरू सहनशीलता धारण करू। 13आरू यदि काही क काही पर दोष देने क कारण होय, तो एक दिसरा की सह लेवु आरू एक दिसरा क गुणेहगार माफ करू; जोसो पोरबु ने तुमरा गुणेहगार माफ कर्यो, वोसो ही तुमू भी करू। 14इन सब क ऊपर मोंग क जो सिध्दता क पट्टो बांध लेवु। 15मसीह की शांती ओका करता तुमू एक देह हईन बुलाया भी गया होय तुमरा दिल मा राज करे; आरू तुमू धन्यवाद बन रवु। 16मसीह क वचन क आपसा दिल मा खुबुत् बठने देवु, आरू सिध्द ज्ञान सहित एक दिसरा क सिकाड़ने आरू चिंता, आरू आपसा–आपसा मन मा फोकटन दया क साथे यहोवा–भगवान क करता भजन आरू बढ़ाईगान आरू आत्मिक गीत गावु। 17वचन मा या काम जो काही भी करू सब पोरबु ईशु क नाव छे करू, आरू ओका द्वारा यहोवा–भगवान बास क धन्यवाद करू।


