पेहलो खुळीयान नियम
11"ओळी जव योहोवा भगवान उनी कसम क अनसारे, जो त्यो तुमरा वेगला डाहडा सी आरु तुमरे सी बी खादलो छे, तुमुक कनानीयान देश मा पुगाड़ीन उको तुमुक आप देसे, 12तव तुमरे माईन जतरा आपसी–आपसी मायन मोटलो पोर्यो छे, आरु तुमरा पशु माईन जो असा हय उको बि योहोवा भगवान क लीये अर्पण करजो; सब नर बच्चे हय तो योहोवान छे। 13आरु गोदड़ीन हर एक पेहल खुळीयान बदले गाडरो आपीन उको छुड़ाय लेजो, आरु कदाम तुमुक उको नी छुड़ाव हय ती उको गळो तुड़ देजो। पुन मानसोन सब पेहल खुळीया पोर्यान क बदलो दीन छुड़ाय लेजो। 14आरु आवने वाळा दाहड़ा मा जव तुमरा पोर्या तुमरे सी पुछे, 'यो काय छे?' ती उन सी कयजो, योहोवा हामुक आखा लोगहन को बन्दीन घर सी मतलब मिसर देश सी उका हातोन ताकत सी निकाळ लावलो छे। 15उना टेमे मा जव फिरोन वातड़ो हईन हामुक जाने नी देतो हुतो, तव योहोवा न मिसर देश मा मानसो सी लीन ढुरन लगुन आखान पेहला खुळ्याक मार नाख्यो। एकालीय ढुरो मा सी जोतरा आपसी माय क पेहला खुळ्या नर छे, हेको हामु योहोवा क लीय बलीदान कोरे; पु आपसा आखा पेहला खुळ्या पुर्या क हामरे बोदले आपीन छुड़ाय लेये। 16यो तुमरे हातो पर एक सोहलानी आरु पापनीया वीच मा टीका सारको बनसे; काहकी योहोवा हामुक मिसर देश सी उना हातोन ताकत सी लावलो छे।"


