मुसा क लीये वीनछेळाय तकोत जोड़नो
1तव मुसा जवाब दीदो, त्या तार पर भुरसु नी करे आरु नी म्हारी समळे, पुन कयसे, योहोवा तुखे दर्शन नी दीदो।
2योहोवा देव मुसा सी कयो, “तारा हाथ मा त्यो काय छे?” मुसा बोलीयो “लाकड़ी।”
3योहोवा देव कयो, ओको धरती पर न्हाख दे। जव मुसा उको धरती पर न्हाक दीदो तव त्यो घोड़सो बन गयो, आरु मुसा उना सामने सी ढास गीयो। 4तव योहोवा मुसा सी कयो, हाथ बढ़ावीन ओकी छेमटी धर ले, काहकी त्या लोगहन वीश्वास करे की तुमरा आड़ाबुड़ा क परमेश्वर मतलब अबराहम क परमेश्वर, इसहाक क परमेश्वर, याकुब क परमेश्वर, योहोवा तुखे दर्शन आपलो छे। 5ओस कोरीन चे भुरसु कोरसे जव हाथ बढ़ावीन उको धर लीदो तव त्यो उना हाथ मा पछी लाकड़ी बन गय। अबराहमन परमेश्वर इसहाकोन परमेश्वर आरु याकुबोन परमेश्वर मेसे दोरसोन आप्यु
6ओळी योहोवा मुसा सी यो बी कयो, तारो हाथ छाती पर मेलीन ढाक ले। तसोत् मुसा उना हाथ छाती पर मेलीन ढाक लीयो; ओळते जव उको निकाळीयो तव यो देख्यो की उको हाथ कुढ़न कारण बोरोफ क सारको धवळीयो हुय गयो। 7तव योहोवा मुसा सी कयो, “तार हाथ छाती पर मेलीन ढाकले।” आरु मुसा ओको हाथ छाती पर मेलीन ढाक लीदो; आरु जव मुसा ओको हाथ छाती पर सी निकाळीयो ती यो देख्यो की त्यो ओळी आखा डीलोन तसो हुय गीयो। 8तव योहोवा कयो, “कदाम त्या तारी वात पर भुरसु नी करे, आरु पेहली सोहलानी को नी माने, ती दिसरी सोहलानी पर वीश्वास करसे। 9आरु कदाम त्या इनु दुयु सोहलानी पर भुरसु नी करे आरु तारी वात को नी माने, तव तु नील नदी मा सी थुड़क पानी लीन सुखली धरती पर न्हाकजी; आरु जो पानी तु नदी सी निकाळीस त्यो सुकली धरती पर लुहुय बन जासे।”
10मुसा योहोवा सी कयो, “ए म्हारा पोरबु। हांव बुलने मा पाको नी हय, नी ते पेहले हुतो, आरु नी जव सी तु तारा दास सी वात करने लागीयो; हांव ते मुयन बुबड़ो आरु जीभ को गुंगड़ो छे।”
11योहोवा मुसा सी कयो, मानुस को मुय कुन बनायो? आरु मनुस को गुँगड़ो, या बेहरो, या देखने वाळो, या आंधवो, मखे छुड़ीन कुन बनावे? 12अब जा, हांव तारा मुय सी जो काय तुखे कयनो छे त्यो तुखे सिखाड़तो जाईस।
13त्यो कयो, “ए म्हारा पोरबु, थार सी वीनती छे की तु कुदा दिसरा मनुस को मोकली दे।” 14तव पोरबुन रीस मुसा पोर भड़की। पोरबु कयो, काय लेवी ओवलीयादन हारुन तारो भाईन नी होय? हांव जानो की त्यो वारलो बुलसे देख, त्यो तार सी मिळने आय रोयो। जव त्यो तुसे देखसे तव आपसा काळजजा मा खुश होयजी। 15तु उनासी वार कोरजी। आरु ओको बताड़जी की काय कोरनो छे, हांव तुको आरु उको बुलने मा मदत कोरीस। आरु तुमुक काय कोरनो छे, यो सिकाड़ीस। 16हारुन तारे भेनि सी म्हार लोगहन सी वात कोरसे, त्यो तारो बुलन्यो हुयसे, आरु तु हेका लीय परमेश्वर सारको कोवायसे। 17तु आपसा पुठी लाकुड़ ली जाजी, तु हेरे लारे मोटा काम कोरनेन सोहलानी देखाड़ीस।


