परमेश्वर पुठी रोहनेन वायदो
12मुसा न योहोवा सी कोयो, “सोमोळ तु मार सि कोयलो छे, ‘एनु मानसो क ली चाल;’ बाखुन यो नी देखाड़्यो की तु मारे पुठी कुनिक मुकलीस। तेवी तुन कोयो छे, ‘तारो नाव मारे चीत्त मा बोसलो छे, आरु तारे पोर मारी गिन क निगाह छे।’ 13आरु हेमी काहमाइन मार पोर तारी गिनोन निगाह होय, ती मेसे आपसी गती सोमझाड़ दे, जेरेसी हांव तारो गियान पावो तोत्यर तारी गिन क निगाह मार पोर बोनली रोहे। ओळतेन यो वी धियान राखो की यी मनख्या तारी पोरजा छे।” 14योहोवा न कोयो, “हांव आप तारे पुठी चालीस आरु तुसे आराम आपीस।” 15हुयो हेरेसी कोयो, “काहमाइन तु आपसु नी चाले, ती हामु याँसी ओगा मा ली जाय। 16यो कोसो जाने पाये की तारे गिनोन क निगाह मार पोर आरु आपनी प्रजा पोर छे? काय एरेसी नी की तु आमरे पुठी पुठी चाले, जेरेसी हांव आरु तारु प्रजा क मानस ए कळ भोरीन क सब मानसो सी ओलग कोहायजे?”
17योहोवा न मुसा सी कोयो, “हांव यो काम वी, जेरे वाराम तु कोर्यो छे क, कोरीस; काहकी मारी गिन क निगाह तार पोर छे, आरु तारो नाव मारे मन मा बोसलो छे, हांव तुखे नाव सी जानतु छे।” 18मुसा न कोयो, मखे उका मोहिमा क तेज देखाड़ दे। 19हुयो कयो, “हांव तारे ओगळ होईन चालता होईन तुसे आपनी आखी भोलाई देखाड़िस, आरु तारे ओगळ योहोवा नाव क पोरचार कोरीस; आरु जेर पोर हांव गिन कोरनो चाहो हेर पोर गिन कोरीस, आरु जेर पोर दया कोरनो चाहो तेर पोर दया कोरीस।” 20ओळतेन हुयो कोयो, “तु मारा मुख क दोरसोन नी कोय सोके; काहकी मानुस मारा मुख क दोरसोन कोरन जीवतलो नी रोय सोके।” 21अळतेन योहोवा न कोयो, “सोमोळ, मारे पास एक जागो छे, याँ तु हेर पोर चट्टान पोर उबो होय; 22आरु जोत्यार लोगुन मारो सेक तारे ओगळ होईन चालतो रोहे, तोत्यार लगुन हांव तुसे चट्टान क दरार मा राखुस आरु जोत्यार लोगुन हांव तारे अगळ सि होईन नी निकळी जाम तोत्यार लोगुन आपना हातो सी तुसे ढाकीन रोहजी; 23ओळतेन हांव आपनो हात चुट लीस, तोत्यार तु मारा वासा क ते दोरसोन पावीस; बाखुन मारो मुख क दोरसोन नी मिळसे।”


