ईशु क जीव उठनो
(मरकुस 16:10; लूका 24:1-12; यहुन्ना 20:1-10)
1सब्तन दाहाड़ा क बाद सप्ताह पेहला दाहड़ाम भौळभाका मा मरियम मगदलीनी आरू दिसरी मरियम बीड़ा देखने आवी। 2तव एक मोटोत् भुकंप हुयो, काहकि यहोवा–भगवान क एक सोरगदूत सी उतरीयो, आरू एको पास मा आवीन दगड़ा क ढोवळी दियो, आरू उका पर बठी गियो। 3हेको रूप बिजळीन समान आरू उका छिंदरा बरफन क विजाळा हुता। 4ओको बीक सी राखवाळीया बीहने लाग गिया, आरू मरलो जीवतो हुय गियो।
5सोरगदूत बायरान क कयो। “मा बीहयो हाव जानो कि तुमू ईशु नासरत क, जो कुरूस पर चढ़ाया गया हुता, हेरती होय। 6त्यो या नी हय, बाकुन जीवतो हूय गियो; आयो, यो जागु देखो, जा परबु क राखला हुता। 7आरू छाटलोत जाईन उका चेला सी कयो, कि त्यो मरला माईन जीव उठियो; आरू देखो त्यो तुमरे सी पेहल गलील मा जाय जासे, वा उको दर्शन देखसो, देखो, हाव तुमू क संदेश आप देदु छे।”
8आरू छाटी ची बायर खुशमा मोळवट्याम पर सी पछी जाईन ईशुन चेलान क खबर देदी।
9तव, ईशु चेलान क मेळीयो आरू कयो; “सुखी रहवो” आरू चेला ईशु क पास मा आवीन उका पाय क धरीन उको वंद्या। 10तव ईशु वेलान सी कयो, “बीहयो मा; म्हार भाईस्यो क जाईन कहवो, कि गलील मा जाती रहत्यो वा मेखे देखसे।”


