बीज वेरनेवावा क दाखलू

(मरकुस 4:1-9; लूका 8:4-8)

1उना दिन ईशु घर सी निकलीन नदी क किनारा पर जाईन बठियो। 2आरू ओको पास असी मटलो गर्दी एखटी हुय गय कि त्यो नाव पर चढ़ी गियो, आरू सारी गर्दी धोड़े पर उबी रयी।

3आरू ईशु उन लोगहन क उदाहरण मा बैस सारी वात कयो “एक वेरने वालो बीज वेरने निकलियो। 4वेरता टेमे काहय दाना वाट्ये क धोड़े पर गिर गिया आरू चिल्ला आवीन उना क त्योटीन खाय गिया। 5काहय बीज दगड़ा वाला धरती पर पड़ गिया, जा उनाक बैस माटी नी जोड़ने क कारण त्या जल्दी उग आया। 6बाकुन दाहड़ो निकलने पर त्या बीज जल गिया, आरू मुव नी धरने क कारण सी सुख गिया। 7आरू काय बीज झाड़का मा गिर गिया, आरू झाड़का मा उन बिज क बढ़ीन दड़पी दिया। 8बाकुन काय वारली धरती पर पड़ गिया, आरू फव लाया, कोय सौ गुना, कोय साठ गुना, कोय तीस गुना।

ईशु दरियामा ढोंड्या पर उभरईन लोगहन क शिक्षा देदो

9“जिनको कान हय त्यो सुणी लेय।”