नाजरथ मा ईशु क मानने सी मना
53जव ईशु यी सब उदाहरण कय दियो, तो वा सी जात रयो। 54आरू आपसा नगर नासरत मा आवीन उन लोगहन क आराधना घर मा उना क असो शिक्षा देने लागी गियो; कि त्या घबराईन कयनो लागी गिया, “एको यो गियान आरू शक्ति क काम काँ सी मिलियो? 55काय यो सुतार क पोर्यो नी हय? आरू काय एकी माय क नाव मरियम आरू ओको भाई क नाव याकूब, यूसुफ, शमौन आरू यहूदा नी हय? 56आरू काय एकी सब बहिनीस हामरे बीच मा नी रहवे? पछु एको यो सब काँ सी मिलियो?”
57इना रीति सी उन लोगहन ओको कारण सी ठुकर खाया, पर ईशु उन लोगहन सी कयो, कागळीयान क आपसा नगर आरू आपसा घर क छुड़ी काही भी विजुत नी उड़ाया? 58आरू ईशु वा उना क विनभुरसा क कारण बैस शक्ति क काम नी करीयो।


