ईशु मसीह क ओळी पोछो आवनो

6“ओळी चौ मखे कयो, यी वात विश्वासयोग्य आरू सत्य छे। आरू पोरबु ने जो भविष्यव्दाक्ता न आत्माओ क यहोवा–भगवान छे, आपसा सोरगदूत क अतरान करीन मुकल्यो कि आपसा दास न क वो वात, जो छाटलो होयणो छे वो देखाङे।”

7“आरू देख, हाव छाटुत आवने वाळु छे; सयालो छे चे जो इनी किताबन ओगळायती वात क मानता छे।”

8हाव त्योत् यहुन्ना छे जो यी वात सोमळता आरू देखता हुता। आरू जव हाव सुन्यो आरू देख्यो, ती जो सोरगदूत मखे यी वात देखाङतो हुतो, हाव ओको वंदने क पाय पड़्यों। 9ओळी चो मखे कयो, “देख, असो मा करे; काहकि हाव तारा आरू तारा भाईस कागळिया न क आरू इनी किताब न वात क मानने वाळा न संगी दास छे, यहोवा–भगवानन आराधना कर।” 10ओळी चो मखे कयो, “इनी किताबन अगवायती वात क बंद मा करे; काहकि टेहाव साते छे। 11जो अन्याय करे चो अन्याय करतो रये; आरू जो हावळव्यो छे चो मेळन्यो बनलो रये; आरू जो न्यायी सी, चो बनलो रये; आरू जो चुखलो छे, चो चुखलो बनलो रये।”

12देख, हाव छाटोत् आवने वाळो छे; आरू हर एक क ओको कामन अनसारे बदलो देने जुगु तेरो फोव मार पास छे। 13“हाव अल्फा आरू ओमेगा, पेहलो आरू आखरी, शुरू आरू सेवलो छे।”

14सयालो छे चे जो आपसा चोगला धुयलेय, काहकि ओको जीवनन झाड़को क साते आवनेन हक जोड़छे, आरू चे झोपला मा सी भरायछे। 15पर टोना करनिया, व्यभिचारी, हत्यारा, मुर्ती पुजा करने वाळा, ओळी भातिन झुठ बुलने वाळा क वाटे तिना आगठा तलाव मा रयछे।

16“हाव ईशु म्हारा सोरगदूत क एका करता मोकळ्यो, की तुमरे ओगळ मंडळीन बारा मा इनी वातन गवाय देय। हाव दाऊदन मुव आरू ओवलियाद, आरू भोळ भाकान चमकने वाळो तारो छे।”

17आरू आत्मा, आरू लुगाई दुयू कयती छे, “आव!”

आरू सोमळने वाळो भी कये “आव!”

आरू जो तिसलो होय, चो आवे आरू जो कोय चाहे चो जीवनन पानी फिरी मा लेय।