यीशु को जन्म
(लूका 2:1-7)
18यीशु मसीह को जन्म या रीती से हुय, की जब ओकी माय मरियम की मगनी यूसुफ का साथ हुय गइ, ते उनको भ्याव होना से पैयले वा पवित्र आत्मा का तरप से दिन से हुय गय. 19येकालिये ओका अदमी यूसुफ ने जो धर्मी होन का कारण ओखे बदनाम करणो नी चाहतो थो, या इच्छा से चुपचाप छोडी देन को मन कर्यो. 20जब उ या बात का सोच मे थो ते प्रभु को एक स्वर्गदूत ओखे दृष्टान्त मे दिखानो अरु बोलन लग्यो. हे यूसुफ! दाउद की सन्तान खे तू मरियम खे अपनी बायको बनाना से डरे मत. क्युकी जो ओका पेट मे हइ, उ पवित्र आत्मा का तरप से हइ. 21उ बेटो पैयदा कर्हे अरु तोने ओको नाम यीशु रखनु. क्युकी वु अपना दुन्याहोन को उनका पाप से उध्दार कर्हे.
22यो सब कुछ येका लिये हुयो की जो वचन प्रभु ने भविष्यव्दक्ता का वजेसे बोल्यो थो. वु पुरो हुये. 23“देख एक कुव्वारी दिन से हुये अरु एक बेटो पैयदा, अरु ओको नाम इम्मानुएल रख्यो जाह्ये,” जेको मतलब यो हइ की परमेश्वर हमारा साथ.
24तब यूसुफ नीद से जागीखे प्रभु का दूत की बात कि आज्ञा का जसो ओने अपनी बायको बनान खे अपना घर मे लयली. 25अरु जब तक मरियम का पास नी गयो जब तक ओने बेटा खे जन्म नी दियो अरु यूसुफ ने ओको नाम यीशु रख्यो.


