आराम का बारे मे सवाल
1उ टेम यीशु आराम का दिन खेत मे से हुइ खे जय रा था, अरु ओका सेवक होन खे भुख लगी थी, अरु वे बाले तोडी-तोडी खे खान लग्या. 2फरीसीहोन ने यो देखीखे ओकासे बोल्यो की, “देख, तरा सेवक यो काम अच्छो नी कर रास हइ, जो आराम को दिन करणो अच्छो नी हइ.” 3ओखे बोल्यो “ का तुम ने नी पढ्यो, कि दाउद ने जब उ अरु ओका साथी भूखा हुये ते का कऱ्यो? 4उ कसो परमेश्वर का घर मे गयो अरु दान की रोटि खुद जेखे खइ नी ते उ अरु नी ओका साथीहोन का पर फक्त याजकहोन खे अच्छो थो? 5यो का तुम ने मूसा की व्यवस्था मे नी पढ्यो की याजक आराम का दिन मन्दिर मे आराम का दिन कि विधी खे तोडीखे पर भी नीर्दोश ठहरस हइ? 6पर मी तुम से बोलुस हइ कि यो उ हइ, जो मन्दिर से भी महान हइ. 7अगर तुम येको अर्थ जानस की मी दया से सतुष्ट होस हइ, बलिदान से नी, ते तुम नीर्दोश खे दोषी नी ठहरानु. 8इन्सान को बेटो तो आराम का दिन को भी प्रभु हइ.”


