परमेसर के बचन के अगमबानी
12एकरसेति, मेंह तुमन ला हमेसा ये बातमन के सुरता करावत रहिहूं, हालाकि तुमन येमन ला जानथव अऊ ओ सच, जऊन ह तुम्हर करा हवय, ओमा तुमन मजबूत हो गे हवव। 13मेंह सोचथंव कि मोर बर येह उचित ए कि जब तक मेंह ये देहें के तम्बू म रहत हवंव, तुम्हर सुरता ला ताजा करत रहंव, 14काबरकि मेंह जानथंव कि मेंह ये देहें ला जल्दी छोंड़ दूहूं जइसने कि हमर परभू यीसू मसीह ह मोला बताय हवय। 15अऊ मेंह ये बात के पूरा कोसिस करहूं कि मोर मरे के बाद, तुमन ये बातमन ला हमेसा सुरता करव।
16जब हमन तुमन ला हमर परभू यीसू मसीह के सामर्थ अऊ अवई के बारे बताएंन, त हमन चतुरई ले गढ़े गय कहानीमन के नकल नइं करेंन, पर हमन यीसू के महिमा ला अपन आंखी ले देखे रहेंन। 17काबरकि ओह, परमेसर ददा ले आदर अऊ महिमा पाईस, जब वैभवसाली महिमा ले ओकर करा ये कहिके अवाज आईस, “येह मोर मयारू बेटा ए; एकर ले मेंह बहुंत खुस हवंव।” 18जब हमन पबितर पहाड़ ऊपर ओकर संग रहेंन, त हमन खुद ये अवाज ला सुनेंन, जऊन ह स्वरग ले आवत रिहिस।
19अऊ हमर करा अगमजानीमन के बचन हवय, जऊन ह ये बात ला अऊ मजबूत करिस। तुमन एकर ऊपर धियान देके बने करहू। काबरकि येह एक दीया सहीं अय, जऊन ह एक अंधियार जगह म चमकत हवय, अऊ येह तब तक चमकथे, जब तक कि दिन नइं निकलय अऊ तुम्हर हिरदय म बिहनियां के तारा नइं निकल आवय। 20सबले पहिली, तुमन ये बात ला जरूर समझ लेवव कि परमेसर के बचन म बताय अगम के बात ह काकरो खुद के बचन के बखान नो हय। 21काबरकि अगमबानी के सुरूआत मनखे के ईछा ले कभू नइं होईस, पर मनखेमन पबितर आतमा के अगुवई म, परमेसर कोति ले बोलिन।


