पौलुस ह रोम सहर म आथे
11तीन महिना के बाद हमन सिकन्दरिया के एक पानी जहाज म चघेंन, जेकर आघू के भाग म जुड़वां-देवता दियुसकूरी के छाप रिहिस। ये जहाज ह ओ दीप म जड़काला काटत रिहिस। 12हमन सुरकूसा सहर म हबरेंन अऊ उहां तीन दिन तक रूके रहेंन। 13उहां ले हमन पानी जहाज म रेगियुम सहर पहुंचेंन। दूसर दिन दक्खिन दिग ले हवा चले लगिस अऊ ओकर आने दिन हमन पुतियुली सहर म आयेंन। 14उहां हमन ला कुछू भाईमन मिलिन, जऊन मन हमन ला ओमन के संग एक हप्ता रूके बर कहिन। एकर बाद, हमन रोम सहर गेंन। 15जब रोम म भाईमन हमर आय के बारे म सुनिन, त ओमन हमर ले भेंट करे बर अप्पियुस के बजार अऊ तीन-सराय तक आईन। पौलुस ह ओ भाईमन ला देखके परमेसर ला धनबाद दीस अऊ उत्साहित होईस। 16जब हमन रोम हबरेंन, त पौलुस ला एके झन रहे के अनुमति मिल गीस, पर एक झन सैनिक ओकर रखवारी करय।


