पसुमन म महामारी
1तब यहोवा ह मूसा ला कहिस, “फिरौन करा जाके ओला कह, ‘यहोवा, इबरीमन के परमेसर ह ये कहत हे: “मोर मनखेमन ला जावन दे कि ओमन मोर अराधना कर सकंय।” 2यदि तेंह ओमन ला जावन नइं देबे अऊ ओमन ला रोके रहिबे, 3त यहोवा के हांथ ह मैदान म तोर पसुमन ऊपर भयंकर महामारी ले आही—याने कि तोर घोड़ा, गदहा अऊ ऊंट अऊ तोर गाय-बईला अऊ भेड़-बकरीमन ऊपर। 4पर यहोवा ह इसरायलीमन के पसु अऊ मिसरीमन के पसु म एक अंतर बनाही, जेकर ले इसरायलीमन के कोनो भी पसु नइं मरहीं।’ ”
5यहोवा ह ये कहिके एक समय ठहिरा दीस, “कल यहोवा ह ये काम ला ये देस म करही।” 6अऊ दूसर दिन यहोवा ह येला करिस: मिसरीमन के जम्मो पसुमन मर गीन, पर इसरायलीमन के एको ठन पसु नइं मरिन। 7फिरौन ह खोजबीन करवाईस, त ओला पता चलिस कि इसरायलीमन के एको ठन पसु नइं मरे हवंय। तभो ले ओकर मन ह कठोर बने रिहिस अऊ ओह मनखेमन ला नइं जावन दीस।


