मसी मे नवली जीवाय

17मालीक ना नाम सी, अळी, मे तमने चेतावणी आपु; के तमु आड़जात्‌या नी तेम ना जीवो, तीमना वीच्‌यार बगड़ला से। 18अने तीमना मन अंदारला हय जेला से। तीमनी पांह कोय जीवाय नी हय जे भगवान आपे, काहाके तीहया पुरी रीती सी वण-अकल्‌या अने जखड़ी पड़न्‌या से। 19अने तीहया मन बेरा हय्‌न लुच्‌चाय करवा मे लाग जेला से के आखा भाती ना वीटळ्‌ळा कामु हेर सी कर्‌या करे।

20पण तमने मसी ना बारा मे आवी ह़ीकापण नी आपली हती। 21पण तमु ह़ाचली तीनीत ह़मळ्‌या, अने जीसम ईसु मे सच्‌चाय से, तीनीत मे तमने ह़ीकाड़्‌या बी, 22के तमु पुराणा चाल-चलण ने नीकाळ देवो, जे भटकाड़वा वाळी चीज नी हेर नी अनसारे मीटतो जाय। 23अने आपणी आत्‌मा ना वेहवार मे नवला बणता ना लेदे, 24अने नवला माणहे ने पेरवा नी लेदे, सच्‌चाय ना धरमीपणा मे अने चोखलापणा मे भगवान ने तेम बणवा करीन।

25झुट मेकवा सोड़ीन एक-एक आपणा ह़ाते वाळा ने ह़ाचली केवो, काहाके आमु आखा एक डील ना वाटा से। 26रीह ते करो, पण पाप ना करो; अने दाहड़ु बुड्‌ये तक तमारी रीह नी रेवा जोवे। 27अने भुतड़ा ने मोखो ना आपो। 28चोरी करवा वाळो पासो चोरी नी करवा जोवे, पण वारला काम करवा मे आह़फा ना हातु सी मेहनत करे, आनीन करते के तमु ईमानदार जीवाय जीव सको अने गरीब नी मदत कर सको। 29नुकसान करवा वाळा बोलु ने ना वापरो, पण नीस्‌ता भलाय करन्‌या बोलु ने वापरो, के बीजा ना लेदे संयबरकत नो कारण अने ह़मळवा वाळा ना लेदे भलु हये। 30भगवान नी चोखली आत्‌मा ने दुखी ना करो, जीनी सी तमारी पोर छुटकारा ना दाड़ा जुगु सीलटप्‌पो लगाड़ मेक्‌यो। 31आखी भाती नी कड़वाहट, बुरी लालच, रीह, लड़ाय-झगड़ा अने वाक काडवा ना आखा काम तमारा वच मे गेथा सेटा करो। 32एक-बीजा पोर दया करवा वाळा अने ह़ुमाळा बणीन रेवो, अने जेम भगवान मसी ना लारे तमारा गुना ने माफ कर्‌यो, तेमेत तमु बी एक-बीजा ना गुना ने माफ करो।