वसती राणी राजा सयर्‌स नी बेजती करे

1सयर्‌स नाम ना राजा ना राज ना दाड़ा मे आहयी वात हयी: आहयो तीहयोत सयर्‌स से, जे एक ह़ो सत्‌तावीस देस पोर मतलब भारत देस सी लगाड़ीन कुस देस तक राज करतो हतो। 2राजा सयर्‌स ना राज करवा ना दाड़ा मे राजवाड़ु सुसन नाम ना कीला मे हतु तां राजगादी पोर बहीन तीहयो राज करतो हतो।

3ता तीहयो आह़फा ना राज करवा ना तीसरा साल मे आह़फा ना अदीकार्‌या ने अने काम करन्‌या ने खाणु खवाड़्‌यो। फारस अने मादे देस ना सीपायड़ा ना मुख्‌या अने देस-देस ना मुख्‌या अने अदीकार्‌या बी तां हता। 4तीहयो तीमने घणा दाड़ा मतलब छो मयना तक आह़फा ना राजवाड़ा नु माल-धन अने बड़ाय नु कीमती ह़मान देखाड़तो र्‌यो।

5आहया दाड़ा पुरा हयवान अळतेण राजो आखा नान्‌ला-मोट्‌ला तीहया आखा ने बी जे सुसन नाम ना कीला मे एक्‌ठा हयला हता, राजवाड़ा ना बगीचा नु आंगणु मे ह़ात दाड़ा तक खाणु खवाड़्‌यो। 6तां ना पड़दा धोळ्‌ळा अने लील्‌ला सुती ना हता, अने हीर अने जामण्‌या रंग नी दोरी वेर चांदी ना छल्‌ला मे, संगमरमर ना खम्‌बा मे लागला हता; अने तां ना बहवा ना पाट्‌ला ह़ोनु-चांदी ना हता; अने रात्‌ली अने धोळ्‌ळी अने पीळ्‌ळी अने काळ्‌ळी संगमरमर नी बणली फरसी पोर मेकला हता 7तीहया खाणु नी पंगात मे राजा नी लायक अंगुर नु ह़रु भाती-भाती ना ह़ोना ना ठाहरा मे घालीन राजा ना सोक सी घणु जादा पीयाड़्‌या। 8पीवा ते नेम नी अनसारे हयतु हतु, काहाके राजो आह़फा ना आखा खाणु-पीणु आपवा वाळा ने हुकम आपलो हतो, के जे पोरणु जेम चाहे तेमेत तीनी ह़ाते वेहवार करे।

9राणी वसती बी राजा सयर्‌स ना घोर मे बयरा ने खाणु खवाड़ी।

10ह़ातवा दाड़े, जत्‌यार राजा नु मन अंगुर नु ह़रु मे खुस हतु, ता तीहयो महुमान, बीजता, हर्‌बोना, बीगता, अबगता, जेतेर अने कर्‌कस नाम ना ह़ातोव गतराड़ा ने जे सयर्‌स राजा नी अगळ सेवा-चाकरी कर्‌या करता हता, हुकम आप्‌यो, 11के राणी वसती ने राज-मुकुट पेरलीत राजा नी अगळ ली आवो; जीनी सी के देस-देस ना माणहु अने अदीकार्‌या अगळ घटाळ्‌ळी देखाय सके; काहाके तीहयी देखायवा मे घटाळ्‌ळी हती। 12गतराड़ा नी लारे राजा ना आहया हुकम ने ह़मळीन राणी वसती आव्‌वा सी नीकारो कर देदी। आनी पोर राजो घण जबर खीजवाय पड़्‌यो।

13ता राजो टेम-टेम ना बारा मे जाणवा वाळा पुंजारा ने पुछ्‌यो, राजो ते नेती अने नीयाव ना आखा अक्‌कल वाळा सी आसमेत कीया करतो हतो। 14तीनी पांह कर्‌सना, सेतार, अदमाता, तर्‌सीस, मेरेस, मर्‌सना, अने ममुकान नाम ना फारस अने मादे देस ना ह़ात मुख्‌या हता, जे राजा नो दरसन करता हता, अने राज्‌य मे मुख्‌या-मुख्‌या जागा पोर टाळला हता। 15राजो पुछ्‌यो, “राणी वसती राजा सयर्‌स ना, गतराड़ा नी लारे आपला हुकम ने नी मानी, ता नेम नी अनसारे तीनी ह़ाते ह़ु करवा जोवे?”

16ता ममुकान, राजा अने अदीकारी नी अगळ आहयो जपाप आप्‌यो, “राणी वसती जे गलत काम करली से, तीहयु राजा ह़ाते एतरुत नी पण आखा अदीकार्‌या ह़ाते अने तीहया आखा देस ना माणहु ह़ाते बी करली से; जे राजा सयर्‌स ना आखा देस मे रेय। 17काहाके राणी ना आहया काम नी वात आखा बयरा मे हयहे अने जत्‌यार आहयु केहे, ‘राजो सयर्‌स राणी वसती ने आह़फा अगळ ली आव्‌वा नो हुकम आप्‌यो पण तीहयी नी आवी,’ ता तीहया बी तीमना घोरवाळाम ने हेटा ह़मजवा बाज जहे। 18आज ना दाड़े फारसी अने मादे देस ना अदीकार्‌या ना लाड्‌या जे राणी नी आहयी वात ह़मळला से, तीहया बी राजा ना आखा अदीकार्‌याम ने आसमेत केवा बाज जहे; आहयी रीते घण-जबर ह़ीगी अने रीह पयदा हयहे। 19कदीम राजा ने वारु लागे, ता आहयो हुकम नीकाळे, अने फारस अने मादे देस ना नेम मे लीखी बी देय, जीनी सी कदी बी बदल नी सके, के राणी वसती राजा सयर्‌स नी अगळ अळी कदी आव्‌वा नी जोवे, अने राजो पटराणी नो जागो कानी बीजी ने आप देय जे तीनी गेथी वारु हय। 20जत्‌यार राजा नो आहयो हुकम तीना आखा राज्‌य मे ह़मळावहे, ता आखा लाड्‌या आह़फा-आह़फाम ना घोरवाळा नी ईज्‌जत करहे, भले गरीब हय के अमीर।”

21आहयी वात राजा ने अने अदीकार्‌या ने गम जी अने राजो ममुकान नी ह़ला ने मान लेदो अने आह़फा ना राज्‌य मे, 22मतलब आखा देस नी भासा ना आकड़ा मे आखी जाती नी बोली मे चीठ्‌या ली मोकल्‌यो, के आखा अदमी आह़फा-आह़फाम ना घोर मे अदीकार चलाड़े, अने आह़फाम नी जाती नी बोली बोल्‌या करे।