छुटकारा नी वाट देखाड़न्‌यो

5भगवान तीहयी आव्‌वा वाळी कळी ने जीना बारा मे आमु कर र्‌या, ह़रगदुत ना हक मे नी कर्‌या। 6पण चोखली सास्‌तर मे कानो आहयी गवाय देदलो से,

“माणेह ह़ु से के तु तीनी फोम करे?

अने माणेह नो सोरो ह़ु से के तु तीनी फीकर करे?

7तु तीने ह़रगदुतु गेथो थोड़ुक कम कर्‌यो;

तु तीनी पोर बड़ाय अने ईज्‌जत नी पागड़ी मेकलो से,

8अने तीने आह़फा ना हात ना कामु पोर हक आपलो से। तु आखु कंय तीना पोगु ना तळे कर देदलो।”

एतरे जत्‌यार तीहयो आखु कंय तीना हक मे कर देदलो, ता तीहयो कंय बी नी मेल्‌यो जे तीनी हक मे नी हय। पण आमु हमणे आखु कंय तीना हक मे नी देखीया। 9पण आमु ईसु ने जे ह़रगदुतु गेथो थोड़ुक कम करलु हतु, मोत नो दुख झेलवा नी करते बड़ाय अने ईज्‌जत नी पागड़ी पेरली देखत्‌ला से, काहाके भगवान नी बरकत सी तीहयो आखा माणहु जुगु मरे। 10आहयु भगवान जुगु संय हतु जे आखी वातु ने बणायो अने ह़माळीन राख्‌यो, ईसु ने बी दुख नी लारे पुरोन-पुरो बणाव्‌वा जोवे, काहाके ढेरेत अवल्‌यात तीनी बड़ाय मे भेसकाय सके। काहाके ईसुत तीहयो एक से जे तीमने छुटकारा भणी ली जाय।

11तीहयो माणहु ने तीमना पापु सी चोखो करे अने तीहया बेम तीहया अने चोखला करला, आखा नो बाह एकीत से; आनीन करते ईसु तीमने आपणा घोरल्‌या केवा सी नी लजवायतो हतो। 12तीहयो केय,

“मे तारु नाम मारा भाय-बेन्‌या ने ह़मळावही;

मंडळी ना वच मे, मे तारु भजन गावही।”

13अने अळी आहयु केय, “मे तीनी पोर भरहो राखही।” अने अळी आहयु बी केय, “देख, मे तीहया सोराम नी भेळतो जीने भगवान मने आपलो से।”

14एतरे जत्‌यार सोरा माह अने लोय ना साजल्‌या से, ता तीहयो आह़फो बी तीमनीन तेम तीमना साजल्‌या हय ज्‌या, काहाके मोत नी लारे तीने जीने मोत पोर सक्‌ती जड़ली हती, काहाके भुतड़ा ने रीकामा कर देय; 15आहयीत रीते जेतरा मोत नी बीक नी करते जलम नी जीवाय मे गुलामी मे फस ज्‌या, तीमने छोड़ाय लेय। 16काहाके आहयु उजन्‌तु से के तीहयो ह़रगदुत नी, नी पण अब्‌राहम नी अवल्‌यात नी मदत करे। 17आनीन करते तीने जोवतु हतु, के आखी वातु मे आह़फाम ना भायुन तेम बणे; जीनी सी तीहयो तीहयी वातु मे जे भगवान सी नातु राखे, एक दया वाळो अने भरहो करे एवु डायलो पुंजारो बणे काहाके माणहु ना पापु ने माफ कर सके। 18काहाके जत्‌यार तीहयो पारख नी टेम मे दुख झेल्‌यो, ता तीहयो तीमनी बी मदत कर सकत्‌लो जीमनी पारख हये।