ईसु मोट्‌लो पुंजारो

14आनीन करते जत्‌यार अमारो एवो मोट्‌लो पुंजारो से जे ह़रग मे हतीन जेलो से मतलब भगवान नो सोरो ईसु मसी, ता आपणु आपणा भरहा ने जीने आपणु हात करला से टणकाय सी धरीन रीया। 15काहाके अमारी पांह जे डायलो पुंजारो से तीहयो एवो नी हय के जे अमारी कमजोरी मे दुखी नी हय सके, तीने आखी भाते तेमेत पारख्‌या जेम आमने पारख्‌या पण तीहयो जलम वण-पापी नीकळ्‌यो। 16ता एतरे आवो, खुद पोर भरहो राखीन बरकत हात करवा भगवान नी राजगादी नी जाय के आनीन करते के जरवत पड़वा पोर आपणी मदत नी जुगु आमु दया अने बरकत ने हात कर सकया।

1काहाके आखा मोट्‌ला पुंजारा माणहु मे गेथात टाळे, अने माणहु नी लेदे, तीहयी वात ना बारा मे जे भगवान सी नातु राखे। पक्‌कु कर देय के भेट अने पाप नी बादा चड़ाया करे। 2काहाके तीहयो खुद बी घण-जबर कमजोर नी हक मे से। करीन तीहयो वण-अकल्‌या अने भुले पड़ला नी ह़ाते भोळाय सी वेहवार कर सकत्‌लो। 3आनीन करते तीने जोवे के जीसम माणहु नी लेदे तेमेत आपणी लेदे बी पाप नी बादा चड़ाया करो। 4अने आहयो डायला पुंजारा नो जागो कोय बी आह़फोत टाळीन नी लेय, जत्‌यार तक हारुन ने तेम भगवान ठेराय नी देय।

5तेमेत मसी बी खुद मोट्‌लो पुंजारो बणवा नी बड़ाय नी कर्‌यो, पण हीने भगवान आप्‌यो, जे हीने केदलो हतो,

“तु मारो सोरो से,

आज मे तारो बाह बणलो से।”

6आहयीत रीते तीहयो बीजा जागे बी केय,

“तु मलकीसीदक नी रीती पोर

जलम नी लेदे पुंजारो से।”

डायलो पुंजारो, पुंजारा ना लुगड़ा अने धुपदानी ह़ाते

7ईसु आह़फा ना डील मे रेवा ना दाड़ा मे उची अवाज सी आड़ी-आड़ीन अने आहवा पाड़ी-पाड़ीन तीनी सी जे तीने मोत सी बचाड़ सकतो हतो, रावण्‌या करीन वीन्‌ती कर्‌यो, अने भक्‌ती ना कारण सी भगवान तीनी ह़मळ्‌यो। 8पण ह़ाचलीन तीहयो भगवान नो सोरो हतो, ते बी तीहयो दुख झेलतो जाय्‌न हुकम मानवा ह़ीक्‌यो। 9अळी चोखो बण जवा पोर, आखा हुकम मानवा वाळा नी लेदे अमर छुटकारा नो झोर बण ज्‌यो, 10अने तीने भगवान भणी गेथो मलकीसीदक नी रीती पोर तीने डायलो पुंजारो बणाया।