निवास जागा की विभिन्न चिजों
(निर्गमन ३९:३२-४३)
10“जो बुद्धिमान कारागिर व्यक्ति तुम्हरो बीच म हंय, हि आये अऊर प्रभु की आज्ञा अनुसार या चिजें बनाये, रहन की जागा। 11यानेकि तम्बू, अऊर झाकन समेत निवास, अऊर ओकी आकड़ा, छड़, बेंड़ा, खम्बा अऊर तक्ता; 12तब डन्डो सहित सन्दूक, अऊर प्रायश्चित को ढक्कन, अऊर बीच वालो परदा; 13डन्डो अऊर सब सामान समेत मेज, अऊर भेंट की रोटियां; 14सामान अऊर दीपकों समेत उजाड़ो देन वालो दीया, अऊर उजाड़ो देन लायी तेल; 15डन्डों समेत धूपवेदी, अभिषेक को तेल, सुगन्धित धूप, अऊर निवास को फाटक को परदा; 16पीतल की जाली, डन्डो आदि पूरो सामान सहित होमबलि वेदी, पाय सहित गंगार; 17खम्बा अऊर उन्को तक्ता सहित आंगन को परदा, अऊर आंगन को फाटक को परदा; 18निवास अऊर आंगन दोयी को खूटा, अऊर रस्सियां; 19पवित्र जागा म सेवा काम करतो समय पहिनन को बुन्यो हुयो कपड़ा, अऊर याजक को काम करन लायी हारून याजक को पवित्र कपड़ा, अऊर ओको टुरावों को कपड़ा।”


