एक जीवतेली आस

3हामरा मालीक ईसु मसीन भगवान ने बासेन बड़ाय हवे, जु ईसु मसी मरलाम सी जीवतु हवणे सी आपसान मटी दया सी हामुक जीवतेली आस वाटे नवली जीवाय आप्‌यु। 4मतलब कदी खत्‌तम नी हवणे वाळी ने; ने जलम रहणेन भाग वाटे जी तुंद्‌रे वाटे सरगे मां मेकली छे। 5ज्‌य तारे वाटे छे ज्‌य भुरसान साहरे भगवानेन ताकत सी हीना छुटकारा वाटे समाळीन मेकी जाय, ज्‌य आकरी टेम मां देखायणे वाटे तीयार छे।

6हेरे वजे सी तुहुंं खुसी हवु, मानु जरुड़ी छे की हय काय दाहड़ा लग काय तरान दुख झेलनु पड़ र्‌यो; 7ने जी हेरेसी छे की तुंद्‌रु पारख हवलु भुरसु, जे आकठा सी तय हवलो खत्‌तम हवण्‌या सना सी बी काही अदुस बेसको जरुड़ी छे, ईसु मसी देखता हवणे पर बड़ाय ने सेक-सींगार ने ईज्‌जतेन वजे बणे। 8तुहुंं ईसु काजे कदी नी देख्‌या, तेबी तुहुंं हेरसी परम राखु। तुहुंं हय बी हीनाक नी देखु तेबी हेरे पर भुरसु करु। ने भुरसु करीन असा खुसी हवु ने मुरखायु ज्‌य बीयान सी बाहार ने सेक-सींगार सी भरला छे; 9ने आपणा भुरसान दाहड़ीन फळ मतलब आत्‌मान छुटकारु जड़े।

10हीना छुटकारान बारामां हीनु भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यु कवण्‌या बेसका हेरी भाळने ने पारख कर्‌या जे हीना गीण-दयान बारामां जे तुंद्‌रे पर हवणु हतलो भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यु करली हतली। 11चे ईनी वात काजे हेर्‌या की मसीन आत्‌मा जो हींद्‌रे मां हतली ने पेहल सी मसीन दुखेन ने हेरे पछेन हवणेवाळी सेक-सींगारेन गवाय आपली हतली चु कुण छे ने कसली घड़ी भीणी ईसारु करतेलु। 12हींद्‌रे पर ज्‌य देखाड़ी गीला छे की चे आपणी नी बाकुन तुंद्‌री चाकरी वाटे ची वात कह्‌या करतेला, तींद्‌रो खबर हय तुहुंं हींद्‌रे साहरे जड़लो जीनुक चुखली-आत्‌मान साहरे, जे सरग सी मकल्‌या गीला तुहुंं खुस-खबर सामळ्‌या; ने ईनी वात काजे सरग वाळा काहवाळ्‌या बी धी‌यान सी देखणेन लालच राखतेला।