फिलिपुस और नतनएलो खे बुलाणा

43दूजे दिने यीशुए गलील प्रदेशो खे जाणा चाया। जेबे फिलिपुस तिना खे मिलेया तो तेसखे बोलेया, “मां पीछे आईजा।” 44फिलिपुस, अन्द्रियास और पतरसो रे नगर बैतसैदा रा रणे वाल़ा था। 45फिलिपुसे नतनएलो ते मिली की बोलेया, “जेसरे बारे रे मूसे बिधानो रे और भविष्यबक्ते बोली राखेया, से आसा खे मिली गा रा, से यूसुफो रा पाऊ यीशु नासरी ए।” 46नतनएले तेसखे बोलेया, “क्या कोई खरी चीज बी नासरतो ते निकल़ी सकोई?” फिलिपुसे तेसखे बोलेया, “चली की देखी लो।” 47यीशुए नतनएलो खे आपू गे आऊँदे ऊए देखी की तेसरे बारे रे बोलेया, “देखो, ये सच्ची इस्राएली ए, एसरे कोई कपट निए।” 48नतनएले तिना खे बोलेया, “तूँ माखे किंयाँ जाणेया?” यीशुए तेसखे ज्वाब दित्तेया, “इजी ते पईले फिलिपुसे तूँ बुलाया, जेबे तूँ दाऊगल़े रे डाल़ो निठे था, तेबे मैं तूँ देखेया था।” 49नतनएले तिना खे ज्वाब दित्तेया, “ओ गुरू! तूँ परमेशरो रा पुत्र ए, तूँ इस्राएलो रा महाराजा ए।” 50यीशुए तेसखे उतर दित्तेया, “मैं जो ताखे बोलेया कि मैं तूँ दाऊगल़े रे डाल़ो निठे देखेया, क्या तूँ तेबेई विश्वास करेया? तां इजी ते बी बड़े-बड़े काम देखणे।” 51फेर तेसखे बोलेया, “आऊँ ताखे सच्च-सच्च बोलूँआ कि तां स्वर्ग खुलेया रा और परमेशरो रे स्वर्गदूत माणूं रे पुत्रो पाँदे उतरदे और ऊबे जांदे ऊए देखणे।”