यीशुए रे वचन: न्याय रा आधार
44यीशुए जोरे की बोलेया, “जो मां पाँदे विश्वास करोआ, से मां पाँदे नि, बल्कि मेरे पेजणे वाल़े परमेशरो पाँदे विश्वास करोआ। 45और जो माखे देखोआ, से मेरे पेजणे वाल़े खे देखोआ। 46आऊँ दुनिया रे जोति ऊई की आयी रा, ताकि जो कोई मां पाँदे विश्वास करो, से न्हेरे रे नि रओ। 47जो कोई मेरिया गल्ला सुणी की नि मानो, आऊँ तेसखे दोषी नि ठईरांदा, कऊँकि आऊँ दुनिया रे लोका खे दोषी ठईराणे खे नि, बल्कि दुनिया रे लोका खे बचाणे आयी रा। 48जो माखे तुच्छ जाणोआ और मेरी गल्ला नि मानदा, तेसखे दोषी ठईराणे वाल़ा एक ईए, मतलब-जो वचन मैं बोली राखेया, तेस ई आखरी दिनो रे से दोषी ठईराणा। 49कऊँकि मैं आपणी तरफा ते गल्ला नि करी राखिया, पर पिते, जिने आऊँ पेजी राखेया, तिने ई माखे आज्ञा देई राखी कि क्या-क्या बोलूँ? और किंयाँ बोलूँ? 50और आऊँ जाणूंआ कि तेसरी आज्ञा अनन्त जीवन ए, तेबेई तो जो आऊँ बोलूँआ, जेड़ा पिते मांगे बोली राखेया, तेड़ा ई बोलूँआ।”


