दोषबलि
1दोषबलिया रे बिधान ये ए। से परम पवित्र ए; 2जेते जगा दे होमबलिया रे डांगरो खे फाटोए, तेते जगा देई दोषबलिया रा डांगर बी बलि करो ओर पुरोईत तेसरा खून बेदिया रे चऊँ कनारे छिड़को। 3ओर से तेसरी सारी चर्बिया खे चढ़ाओ, मतलब तेसरी मोटी पूँछा खे, जेते चर्बिया साथे आंजा टखी रिया रओईया से बी, 4ओर दोनो गुर्दे ओर तिना पाँदली चर्बी जो लको गे रओई ओर गुर्देया समेत कल़ेजे पाँदली झिल्ली, इना सबी खे से लग करी देओ; 5पुरोईत इना खे बेदिया पाँदे यहोवे खे आगी रे बलि करो, ये दोषबलि ए। 6पुरोईता रे परिवारो रे सारे लोक तिजी बीचा ते खाई सकोए; से पवित्र जगा रेई खाया जाओ, कऊँकि से बऊत पवित्र ए।
7जेड़ी पापबलि ए तेड़ी ई दोषबलि बी ए, तिना दुँईं रा एक ई बिधान ए; जो पुरोईत तिना बलिया खे चढ़ाई की तुसा रिया तँईं प्राश्चित करोआ, सेई तिना चीजा खे लई लो। 8ओर जो पुरोईत केसी रिया तँईं होमबलिया खे चढ़ाओआ, सेई तेस होमबलिया रे डांगरो री खाल आपू खे राखी सकोआ। 9ओर तंदूरो रे, कढ़ाईया रे या तवे पाँदे पकाई री सब नज्जो री बलि तेस पुरोईतो री ऊणी जो तिना खे चढ़ाओआ। 10ओर सब नज्जो री बलि, चाए सेयो तेलो साथे मिले रे ओ, चाए सूके ओ, सेयो हारूणो रे सबी पाऊआ खे एक बराबर मिलो।


