दुष्टात्मा रे पकड़े रे माणूंआ खे ठीक करना

(मरकुस 5:1-20; लूका 8:26-39)

28जेबे सेयो पार गदरेनिया रे देशो रे पऊँचे, तेबे दो माणूं जिना रे दुष्टात्मा थिया कब्रा ते निकल़दे ऊए तिना खे मिले। सेयो इतणे प्रचण्ड थे कि कोई बी तेसा बाटा रिये जाई नि सको था। 29तेबे तिने चींगी की बोलेया, “ओ परमेशरो रे पुत्र! आसा रा तां साथे क्या काम? क्या तूँ बखतो ते पईले ई आसा खे एती दु:ख देणे आयी रा?” 30तिना ते थोड़ी जी दूर सूंअरो रा एक चूण्ड चरने लगी रा था। 31दुष्टात्मे तिना ते ये बोली की बिनती कित्ती, “जे तूँ आसा खे निकयाल़ने ई लगी रा तो सूंअरा रे चूण्डो रे पेजी दे।” 32तिने तिना खे बोलेया, “जाओ!” सेयो निकल़ी की सूंअरा रे बैठी गिया और सारा चूण्ड काअड़ी ते छवाल़ लयी की डूबी गा और मरी गा। 33तिना खे चराणे वाल़े नठे और नगरो रे गए और जिना रे दुष्टात्मा थिया तिना रा सारा आल सुणाया। 34तेबे सारे नगरो रे लोक यीशुए खे मिलणे आए, और तिना खे देखी की बिनती कित्ती कि म्हारे बन्ने ते निकल़ी जाओ।