परमेशरो रा रोष और तिना री कृपा
19तेबे कुछ लोका माखे बोलणा, “जे एड़ा ए तो परमेशरो किंयाँ आसा खे दोषी ठराई सकोआ? कऊँकि कोई बी तिना खे रोकी नि सकदा जो से करना चाओआ।” 20ओ पाई! पला तूँ कुण ए, जो परमेशरो ते बईस करी करोआ? क्या कअड़ी री चीज, कअड़णे वाल़ेया खे बोली सकोई कि तैं आऊँ एड़ी कऊँ बणाई राखी? 21क्या कम्मारो खे माट्टिया पाँदे अक्क निए कि एक ई चाको पाँदो ते, एक पांडा खास कामो रे इस्तेमालो खे और दूजा हर रोज इस्तेमाल करने खे बणाओ?
22हालाँकि परमेशरो खे आपणा रोष और आपणी सामर्थ प्रगट करने रा अक्क ए, फेर बी से तिना लोका साथे बऊत ई सब्र राखोआ, जिना पाँदे तिना रा रोष आओआ और जो विनाशो खे त्यार कित्ते थे। 23तिने एड़ा इजी खे कित्तेया कि दया रे तिना पांडेया पाँदे आपणी महिमा री शान प्रकट करना चाओ था जो तिने पईले तेई तेसा महिमा खे त्यार कित्ते। 24मतलब आसा पाँदे जिने तिने ना बस यहूदिया बीचा ते, बल्कि दूजी जातिया बीचा ते बी बुलाया। 25जेड़ा परमेशर होशे भविष्यवक्ता री कताबा रे बी दूजिया जातिया रे बारे रे बोलोआ,
“जो मेरी प्रजा नि थी, तिना खे मां आपणी प्रजा बोलणा
और जो प्यारी नि थी, तिना खे प्यारा बोलूँगा।”
26और,
“एड़ा ऊणा कि जेते जगा रे तिना खे एड़ा बोलेया था कि
‘तुसे मेरी प्रजा निए,’
तेते जगा रे सेयो ‘जिऊँदे परमेशरो री ल्वाद ऊणे।’ ”
27और यशायाह भविष्यवक्ता इस्राएली लोका रे बारे रे आक्का पाई की बोलोआ,
“चाए इस्राएलिया रे ल्वादा री गिणती समुद्रो रे बालूए रे बराबर ओ,
तेबे बी तिना बीचा ते थोड़े ई बचणे।
28कऊँकि प्रभुए आपणा वचन तरतिया रे पूरा करी की
धार्मिकता ते चट ई तरतिया रे लोका रा न्याय करना।”
29जेड़ा यशायाह भविष्यवक्ते पईले बी बोलेया था,
“जे सेनाओं रा प्रभु,
आसा खे कोई वंश नि छाडदा,
तो आसे सदोमो जेड़े ऊई जाणे थे
और गमोरा जेड़े ठईरने थे।”


