मन्दिर से व्यापारी हुन को निकालो जानू

(मरकुस 11:15-19; लूका 19:45-48; यूहन्ना 2:13-22)

12यीसु न परमेस्वर को मन्दिर म जान ख उन पूरो ख, जे मन्दिर म लेन देन कर रयो हतो, निकाल दियो, अर सर्राफो को टेबल अऊर कबूतर बेचनेवालो की चोकियाँ पलट दियो; 13अऊर उन से कहयो, “सुध्द सास्र म लिखो हैं, मोरो घर परमेस्वर को घर प्रार्थना को घर कहलाहे अऊर तुम लोग डाकू हुन को अड्डा बना हैं।”

14अऊर अंधो अऊर लगड़ो, यीसु को नजीक मन्दिर म आयो अऊर यीसु न उन ख अच्छो करियो। 15पर जब प्रधान याजक हुन अर सासतिरी न इन हईब का काम हुन, जे ओ न करियो अर पोरिया हुन ख मन्दिर म दाऊद को खानदान को होसाना पुकार हुए देखे, ते वी घुस्सा होऐ 16अऊर वी यीसु से कहन लग गया,

“का तू सुन रयो हैं कि यी का कैय रया हैं” यीसु न उनका कहयो, हाव सुन रयो हैं; का तुम इंसान हुन न ग्रंथ म नी पढियो; कि बालबच्चा अर दूध पीवन वाला पोरिया-पारी हुन को मुंडो तुना अपनो गुन गान करायो?

17तब यीसु उन ख छोड़ क सहर को बाहर बैतनिय्याह सहर ख गयो अऊर वहाँ रात गुजारी।