फल रहित अंजीर को झाड़
(मरकुस 11:12-14,20-24)
18सुबह ख जब उ सहर ख वापस आ रयो हतो ते यीसु ख भूख लगी। 19अऊर उनना रस्ता को किनारा अंजीर को एक झाड़ देख ख। उ ओको नजीक गयो, अऊर पत्ता हुन ख छोड़ ख ओमा अर कुछ भी नी पा ख यीसु न झाड़ से कहयो, “अब से तोम फिर कभी फल नी लगे।” अऊर अंजीर को झ़ाड़ तुरंत सूख गयो।
20यू देख ख चेला हुन ख अचम्भा भयो अर उन ख कहयो, “यू अंजीर को झाड़ तुरत कसो सुख गयो?”
21यीसु न उन ख कहयो दियो, “मी तुम से सच कहूँ हैं, अदि तू विस्वास रखे अऊर सक नी करे, नी अकेलो ते यी करे जे यी अंजीर को झाड़ से करी गयो हतो, पर अदि यू टेकड़ा से भी कहे ते, उखड़ जा ते, अऊर समुंदर म जा पड़, ते यू हो जाहे। 22अऊर जे कुछ तुम प्रार्थना म विस्वास से माँगे ते उ सब तुम ख मिले।”


