यहूदा व्दारा आत्मा घात
(प्रेरितो 1:18,19)
3जब यीसु को पकड़वान वालो यहूदा न देख्यो कि उनका सजा मिली हैं, तब ओखा पछतावा भयो अऊर बड़ा याजक हुन अर धरम का सियाना हुन को जोने चाँदी का तीस सिक्का वापिस लऊटान ख लायो, अऊर बोलयो, 4अर कहयो, “मी न बिन कसुर वालो ख मरवान को लाने पकडा ख पाप करयो हैं।”
उनना बोलयो, “हमका येसे का! तुइच जान।”
5ऐपर यूहदा न चाँदी को सिक्का हुन ख मन्दिर म फेक दियो अर वहाँ से चलो गयो। ते जा ख ओ न फासी लगा ली।
6अऊर मुखिया याजक हुन न चाँदी को सिक्के उठा ख कहयो, इन ख खजाना म इकट्ठा करनो चोक्खो नी हैं, यू ते खून को दाम हैं। 7तब उनना सलाह कर ख उन सिक्का हुन से दुसरो देस को गाड़ जान ख लाने कुमार को खेत खरीद ले लियो। 8यी कारन हैं की उ जगह आज तक खून को जगह कहलाव हैं।
9अऊर जो वचन यिर्मयाह भविस्यवक्ता हुन ख व्दारा कहयो गयो हतो उ पूरो भेयो: “उनना वी तीस सिक्का असो कि उ ठहरायो हुए दाम ख (जेको इस्राएल कि खानदान म से कई न ठहरायो हतो) ले लियो, 10अर उन ना यी सिक्का हुन कुमार को जगह का लाने दा दियो, जसो कि प्रभु न मोखा हुकुम दियो हतो।”


