परमेस्वर अर धन

(लूका 16:13; 12:22-31)

24कोई भी दास दो मालिक हुन की सेवा नी कर सकह हैं काहेकि उ ते एक से बुराई करे अऊर दुसरो से प्रेम रखनो। या एक से मिल्यो रहेगो अऊर दुसरो ख संग म तुच्छ जानेगो। तुम परमेस्वर अऊर धन कि अऊर दोई कि एक संग म सेवा नी कर सकह। 25एकोलाने मी तुम से बोलू हैं की अपनो जिन्दगी को लाने यू चिन्ता नी करनो कि हम का खाएँगो अर का पीए अर नी अपनो जिन्दगी ख लाने कि, का पहिने, का जिन्दगी खान से अर सरीर कपड़ा से बढ़ ख नी हाय? 26बददल को पक्छी हुन ख देख वी नी बोवह हैं नी काटा हैं अर नी बखारी हुन म बटोर हैं, ते भी तुम्हरो स्वर्गीय बाप उन ख खिलावा हैं, का तुम उन से कई जादा किमती नी रहता? 27तुम म कोन हैं जे चिन्ता कर ख अपनी उमर म एक घड़ी भी बढ़ा सकह हैं?

28“अर तुम अपनो कपड़ा ख लाने काहे चिन्ता करह हैं? जंगल का फूल हुन पर याद कर कि वी कसो बढ़ हैं वी नी ते मेहनत करिये हैं नी काटा हैं। 29तेबी मी तुम से कहूँ हैं कि सुलैमान भी, अपनो पूरो धन महिमा म उन म से कोई ख जसो कपड़ा पहिनो भयो नी हतो।” 30एकोलाने जब भी परमेस्वर म बररा कि घास ख जे आज हैं अर कल आगी म डाली जाहे, असो कपड़ा पहिना हैं, ते अरे कुछ दिन ख विस्वासी हुन, तुम का उ इत्ता बढ़ ख काहे नी पहिना हे?

31एकोलाने तुम चिन्ता करा ख यू नी कह जो कि हम का खाएगो या का पीवा हे, या का पहिने। 32काहेकि गैर यहूदी हुन ख इन सब चीज हुन ख खोज म रवह हैं, पर तुमारो स्वर्गीय बाप जान हैं कि तुम ख इन सब चीज हुन कि जरूत हैं। 33एकोलाने सबसे पहले परमेस्वर को राज अर ओको धर्म की खोज कर ते यू सब चीज हुन भी तुम ख मिल जाहे 34अब कल कि चिन्ता नी कर, काहेकि कल को दिन अपनो चिन्ता खुद ही कर ले; आज को लाने आज ही को दुख ढ़ेर सारो हैं।