31तव मुसू हारून आरू ओकान पोर्‍या सी कयो, “मांस क मिलापवाळा तम्बू क झोपला पर रांदु, आरू उका रूटा कजो संस्कार क टुकरा मा छे चो खाऊ, जोसो हाव हुकुम देदी छे कि हारून आरू ओकान पोर्‍यो ओकाह खाएँ।